बिज़नेस रेमेडीज/नई दिल्ली/आईएएनएस |भारत ने वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में उल्लेखनीय जीडीपी वृद्धि दर्ज की है। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC) के सदस्य संजीव सान्याल के अनुसार, इस मजबूत आर्थिक प्रदर्शन के पीछे सबसे बड़ी वजह निरंतर आपूर्ति-पक्ष सुधार और व्यापक आर्थिक स्थिरता है।
वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 की इसी अवधि में यह 5.6 प्रतिशत थी। आईएएनएस से बातचीत में सान्याल ने कहा कि जीडीपी वृद्धि में तेजी का मुख्य आधार “कुशल आपूर्ति-पक्ष प्रबंधन और लगातार किए जा रहे संरचनात्मक सुधार” हैं।
सान्याल ने कहा कि मजबूत आर्थिक रफ्तार को देखते हुए देश को अब अगली पीढ़ी के सुधारों की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने हाल ही में लागू किए गए जीएसटी स्लैब सरलीकरण जैसे सुधारों को इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में दर्ज 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर “बहुत मजबूत और अपेक्षाओं से भी अधिक” है और यह बिना किसी बड़े व्यवधान के हासिल की गई है।
सान्याल के अनुसार, अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों ने इस वृद्धि में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
- प्राथमिक क्षेत्र ने 3.1 प्रतिशत की साल-दर-साल वास्तविक जीवीए वृद्धि दर्ज की।
- द्वितीयक क्षेत्र की वृद्धि 8.1 प्रतिशत रही।
- तृतीयक क्षेत्र ने 9.2 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि देकर कुल जीडीपी वृद्धि को गति दी है।
अमेरिकी टैरिफ से जुड़े प्रश्न पर सान्याल ने कहा कि भारत पर इसका असर “सीमित” है। उनके अनुसार, पिछले दशक में किए गए सुधार और वर्तमान में चल रहा सक्रिय प्रबंधन ऐसी चुनौतियों के प्रभाव को काफी हद तक नियंत्रित करते हैं।




