इंजीनियरों, कारीगरों, शिल्पकारों और तकनीशियनों के कौशल, समर्पण और कड़ी मेहनत के सम्मान करने का दिन विश्वकर्मा पूजा दिवस आज श्रद्धा और उल्हासपूर्वक मनाया जाएगा। इस दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा करके लोग अपने कार्यक्षेत्र में प्रगति, उन्नति और सफलता की कामना करते हैं। उन्हें स्वर्ण नगरी द्वारका, देवताओं के लिए हथियार और दिव्य महलों के निर्माण का श्रेय दिया जाता है। इस दिन कार्यस्थलों, मशीनों और औजारों की साफ-सफाई कर उन्हें सजाया जाता है और उनकी पूजा की जाती है। यह उपकरणों के प्रति सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक है। पूजा के बाद प्रसाद बांटकर और जरूरतमंदों को दान देकर कार्यस्थल और पूरे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया जाता है। यह दिवस पौराणिक ग्रंथों में शिल्पकला, वास्तुकला और यांत्रिकी के देवता भगवान विश्वकर्मा को समर्पित है। यह दिवस सृजन, नवाचार और कुशल कारीगरी की शक्ति का स्मरण कराता है। वर्तमान में जहां डिजिटल व्यवसायों में भी, जहां कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर पारंपरिक उपकरणों का स्थान ले रहे हैं, कर्मचारी अपने उपकरणों और प्लेटफार्मों पर दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए विश्वकर्मा की पूजा करते हैं।

