Friday, July 17, 2026 |
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दो दिवसीय एमएसएमई कॉनक्लेव का हुआ शुभारंभ

by Business Remedies
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बिजनेस रेमेडीज़/उदयपुर। केन्द्रीय एमएसएमई मंत्रालय व फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एण्ड इन्डस्ट्रीज के संयुक्त तत्वावधान में 29 अगस्त से भैरवगढ़ में नि:शुल्क दो दिवसीय एमएसएमई कॉनक्लेव प्रारम्भ हुआ। समारोह अतिथियों द्वारा दीप प्रजनन के साथ प्रारंभ हुआ।
समारोह के मुख्य अतिथि शहर विधायक ताराचंद जैन, मुख्य वक्ता एमएसएमई मंत्रालय के सहायक निदेशक संजय मीणा व राजस्थान फोर्टी शाखा के चेयरमैन प्रवीण सुथार थे। उद्घाटन सत्र का धन्यवाद ज्ञापन मनीष भानावत ने दिया।। फोर्टी की उदयपुर शाखा के अध्यक्ष मनीष भानावत ने बताया कि स्वागत भाषण एमएसएमई मंत्रालय की सहायक निदेशक अनिला चौरडिय़ा, उद्घाटन सत्र में राजस्थान फोर्टी शाखाओं के चेयरमैन प्रवीण सुथार, फोर्टी संरक्षक सुरजाराम मील ने दिया।
एमएसएमई मंत्रालय की सहायक निदेशक अनिला चौरडिय़ा ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जो बड़े उद्योग हैं उन्हें छोटे उद्योगों के साथ कैसे जोड़ा जाए। क्योंकि बड़े उद्योग छोटे उद्योग ऑन वाले आइटम बनते नहीं है वह छोटे उद्योगों से ही खरीदते हैं। इसलिए एक दूसरे का मेल जोड़ बढ़ाने के लिए उदयपुर में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में भारत सरकार के विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। इस बार यह कार्यक्रम उदयपुर में करने के लिए एमएसएमई ने फोर्टी को जिम्मेदारी दी है। कार्यक्रम में उदयपुर सहित राज्य एवं देश के विभिन्न हिस्सों से आए उद्यमियों एवं वेंडर्स ने भाग लिया। वेंडर्स का विकास कैसे हो और वह कैसे आगे बढ़े उसके बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
इस अवसर पर स्वागत उद्बोधन देते हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सूजाराम मील ने कहा कि यह फोर्टी उदयपुर टीम का ही बड़ा प्रयास रहा कि उदयपुर में राष्ट्रीय लेवल की दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस पहली बार आयोजित हो पाई है। इस समय एमएसएमई के सामने कई गंभीर चुनौतियां हैं, जिसका हम डटकर मुकाबला कर रहे हैं। जब तक व्यक्ति के सामने कोई चैलेंज नहीं होता है या टारगेट नहीं होता है तब तक व्यक्ति आगे नहीं बढ़ पाता है। हमारे देश के लोगों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। हमारा देश कृषि प्रधान भी है और उद्योगों का देश भी है। लेकिन हम बेवजह अमेरिका के आगे पीछे घूम रहे हैं। हमारा देश अब उस स्थिति में पहुंच गया है कि अमेरिका जैसे देशों की धमकियों का या उसके दिखाएं डर का हम पर कोई असर होने वाला नहीं है। एमएसएमई को आगे बढ़ाने के लिए भारत सरकार से लेकर राज्य सरकार तक कई योजनाओं के माध्यम से, फंड के माध्यम से पूर्ण प्रयास कर रही है। आज भी व्यापारियों और छोटे उद्योगों को केंद्र व राज्य सरकार की हितकारी योजनाओं की जानकारी नहीं होने से वह आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। इसलिए उद्योग एमएसएमई के साथ जुड़े और केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की पूरी जानकारी लेकर अपने आप को आगे बढ़ाएं। फोर्टी अब बहुत बड़ा संगठन बन चुका है और यह सिर्फ बड़े शहरों में ही नहीं अब ग्राउंड लेवल पर भी इसने काम करना शुरू कर दिया है।
संजय मीणा ने कहा कि इस समय राजस्थान में 12 लाख से ज्यादा एमएसएमई रजिस्टर्ड हैं। यह लघु एवं मध्यम उद्योगों की सहायता करने के साथ ही लोगों को रोजगार से जोडऩे का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि जय जवान जय किसान के साथ जय एमएसएमई का नारा भी लगाना चाहिए। उदयपुर में इसकी एक महिला विंग भी बन चुकी है जो भी बहुत अच्छा काम कर रही है। एमएसएमई हमेशा लघु उद्योगों को लाभ दिलाने का काम कर रही है लेकिन जरूरत है कि हमें खुद ही हमारा मार्केट तैयार करना होगा।
इस अवसर पर प्रवीण सुथार ने कहा कि उद्योगों की असली पहचान उसका कर्म है एमएसएमई हमारे देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी बन चुकी है। आज हमारे उद्योगों की वैश्विक स्तर पर पहचान है। जरूरत इस बात की है कि सभी उद्योग एमएसएमई के साथ जुडक़र एकजुटता से काम करें तो हमें वैश्विक स्तर पर कोई चैलेंज करने से पहले सौ बार सोचेगा।



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