भारत में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आज शुक्रवार को राष्ट्रीय खेल दिवस जोश और उत्साह से मनाया जाएगा। जो प्रतिस्पर्धा, सहयोग और शारीरिक तंदुरुस्ती की समय-परीक्षित भावना का एक जीवंत स्मरणोत्सव है। इस दिन का उद्देश्य खेलों के महत्व को बढ़ावा देना और युवाओं को खेलों और फिटनेस के प्रति प्रोत्साहित करना है। राष्ट्रीय खेल दिवस को पहली बार आधिकारिक तौर पर वर्ष, 2012 में मनाने की घोषणा की गई थी। भारत सरकार ने खेलों में मेजर ध्यानचंद के योगदान को सम्मानित करने के लिए उनके जन्मदिन को इस विशेष दिवस के रूप में घोषित किया। तब से यह दिन देश भर में खेल और खिलाडिय़ों के सम्मान का प्रतीक बन गया है। राष्ट्रीय खेल दिवस- 2025 का महत्व इस बात में निहित है कि इस वर्ष का विषय शांतिपूर्ण समाज और समावेशी समाज को बढ़ावा देने के लिए खेल है। यह विषय उस क्रांतिकारी प्रभाव को रेखांकित करता है जो खेलों ने सामाजिक सीमाओं को पार करने, टीम भावना का परिचय देने और लोगों को उनके मतभेदों के बावजूद एकजुट करने में किया है। यह ऐसे समुदायों को बढ़ावा देता है, जो खेलों का उपयोग शांति, समावेशिता और एक-दूसरे को समझने के साधन के रूप में कर सकते हैं, जिससे सहयोग और एकता की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। यह युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित रूप से खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित करता है। यह दिन बताता है कि खेल सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि एक सम्मानजनक कॅरियर का विकल्प भी है। राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर भारत सरकार की ओर से कई कार्यक्रम और सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे।

