Friday, July 10, 2026 |
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Coal India Limited, Heartfulness और Singareni Collieries Company limited ने रिक्लेम पहल से बंद खदानों की बहाली और स्थायी आजीविका की दिशा में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

by Business Remedies
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बिजऩेस रेमेडीज/हैदराबाद Coal India Limited,, Singareni Collieries Company limited (SCCL) और Heartfulness ने आज कोयला और खान मंत्रालय (भारत सरकार) द्वारा हार्टफुलनेस के सहयोग से इस सप्ताह घोषित रिक्लेम पहल पर एक समझौता ज्ञापन पर मिलकर हस्ताक्षर किए। भारत सरकार के  केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने आज हैदराबाद के बाहरी इलाके में स्थित हार्टफुलनेस के मुख्यालय कान्हा शांति वनम में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर समारोह में भाग लिया।
केंद्रीय मंत्री के साथ भारत सरकार के कोयला और खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे और Coal India Limited, SCCL के वरिष्ठ प्रबंधन एवं प्रतिनिधि, हार्टफुलनेस के मार्गदर्शक और राम चंद्र मिशन के अध्यक्ष श्रद्धेय दाजी की उपस्थिति में शामिल हुए। समझौता ज्ञापन का उद्देश्य रिक्लेम पहल के अनुरूप हार्टफुलनेस संसाधनों द्वारा वनों के माध्यम से खदान बंद होने वाली जगहों पर वनों की बहाली को बढ़ावा देना, हरित आवरण लाना और पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है।
RECLAIM पहल जो 1. पहुँच 2. कल्पना 3. सह-डिजाइन 4. स्थानीयकरण 5. कार्य 6. एकीकृत 7. रखरखाव का संक्षिप्त रूप है, का उद्देश्य बंद खदानों के पुन: उपयोग के लिए सामुदायिक सहभागिता और विकास ढाँचा तैयार करना है। यह ICMM (2022), सतत विकास लक्ष्यों और ढ्ढस्नष्ट प्रदर्शन मानकों से मार्गदर्शन सहित क्षेत्र के अनुभव और वैश्विक अच्छे अभ्यासों पर आधारित है।
समझौता ज्ञापन यह सुनिश्चित करेगा कि खनन से प्रभावित क्षेत्र नवीनीकरण, सम्मान और अवसर के लिए स्थान बन जाएँ। चूंकि खदान बंद होने से दोनों परिदृश्यों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है, इसलिए प्राकृतिक प्रणालियों को बहाल करने की आवश्यकता है। स्थानीय संस्थानों को मजबूत करने और स्थायी आजीविका को सक्षम करने की समान आवश्यकता महसूस की जाती है। यह ढाँचा खदान बंद होने और बंद होने के बाद के चरणों में समावेशी सामुदायिक जुड़ाव और विकास के लिए एक संरचित मार्गदर्शिका के रूप में महत्वपूर्ण कदम है। यह संक्रण प्रक्रिया में सामुदायिक भागीदारी को संस्थागत बनाने के लिए एक व्यावहारिक, चरण-दर-चरण दृष्टिकोण प्रदान करता है।
भारत सरकार के  केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि हम बंद खदान स्थलों को बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं क्योंकि यह हमारे लिए प्रकृति को कुछ वापस देने का समय है। एक स्थायी पारिस्थितिकी तंत्र बनाने में हार्टफुलनेस की सावधानी कान्हा शांति वनम से स्पष्ट है। हम साथ मिलकर आजीविका पैदा करके बहाली, पुनरुद्देश्यीकरण, दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए वह सब करेंगे जो हम कर सकते हैं।
Heartfulness  के मार्गदर्शक और श्री राम चंद्र मिशन के अध्यक्ष श्रद्धेय दाजी ने कहा कि Heartfulness के लिए बंद खनन स्थलों को जीवन देने का यह एक उपयुक्त क्षण है। चूंकि खनन प्रकृति के उपहारों के स्थल को खत्म कर देता है, इसलिए हमें न केवल एक व्यवहार्य पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के मामले में बल्कि क्षेत्र में स्थायी आजीविका बनाने में मदद करने के मामले में अपनी सर्वश्रेष्ठ क्षमता में वापस देने की जिम्मेदारी महसूस करनी चाहिए। इस ढाँचे को भारतीय संदर्भ के अनुरूप क्रियाशील उपकरणों, टेम्पलेट्स और क्षेत्र-परीक्षणित पद्धतियों के एक समूह द्वारा समर्थित किया गया है। लैंगिक समावेशिता, कमजोर समूहों के प्रतिनिधित्व और पंचायती राज संस्थाओं के साथ संरेखण पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि परिवर्तन न्यायसंगत और स्थानीय रूप से प्रासंगिक हो।

 



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