Thursday, July 23, 2026 |
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देश में बन रहे 20 औद्योगिक शहर, 80 हजार से ज्यादा रोजगार मिलेंगे

by Business Remedies
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  • इन औद्योगिक शहरों में होगा 1.72 लाख करोड़ का निवेश
  • राजस्थान में दो औद्योगिक शहरों का होगा निर्माण
  • चीन के इंडस्ट्रीयल कलस्टर्स की तर्ज पर बसेंगे ये औद्योगिक शहर

बिजनेस रेमेडीज। देश में 11 औद्योगिक कॉरिडोर के आसपास 20 औद्योगिक शहरों का निर्माण किया जाएगा। करीब 1.72 लाख करोड़ के निवेश से 20 जगहों पर ये औद्योगिक शहर बनाए जाएंगे। इन औद्योगिक शहरों में करीब 80 हजार से अधिक जॉब्स का सृजन होगा। ये औद्योगिक शहर चीन के इंडस्ट्रीयल कलस्टर्स की तर्ज पर बनाए जाएंगे। इनमें से दो शहरों का निर्माण राजस्थान में भी होगा। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय और विदेशी कंपनियां अब तक इन औद्योगिक शहरों में करीब 1.72 लाख करोड़ रुपए के निवेश की प्रतिबद्धता जता चुकी हैं।

राजस्थान में बसेंगे दो औद्योगिक शहर: जानकारी के अनुसार, दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर के आसपास सबसे ज्यादा 10 औद्योगिक शहरों का निर्माण होगा। इनमें से दो कॉरिडोर राजस्थान में भी बसाए जाएंगे। राजस्थान के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में भी दो-दो औद्योगिक शहरों का निर्माण होगा। इनके अलावा मध्य प्रदेश व हरियाणा में एक-एक औद्योगिक शहर का निर्माण होगा। इन औद्योगिक शहरों में औरंगाबाद औद्योगिक सिटी में सबसे ज्यादा निवेश होगा। यहां करीब 60 हजार करोड़ रुपए का निवेश होगा। यह सिटी करीब 10 हजार एकड़ क्षेत्रफल में फैली हुई होगी।

उद्यमियों को प्लग एंड प्ले की सुविधा मिलेगी : इन औद्योगिक शहरों में उद्यमियों को प्लग एंड प्ले सुविधा मिलेगी, जिससे उन्हें किसी भी तरह की मंजूरी के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इन शहरों में निवेशकों के लिए जमीन पहले से तैयार रहेगी, जिससे उन्हें जमीन खोजने या फिर उसके लैंड यूज को बदलवाने का झंझट नहीं होगी।

परियोजना को तीन साल में करना होगा पूरा: इन परियोजनाओं को अगले तीन साल में पूरा किया जाना है। राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास निगम लिमिटेड (एनआईसीडीसी) इसके लिए निर्माण एजेंसियों का चयन शुरू करने जा रही है। एनआईसीडीसी इन औद्योगिक स्मार्ट सिटी को प्लग एंड प्ले सुविधा के तहत विकसित करेगा। इसके तहत उद्यमी को एक ही जगह पर मैन्यूफ्रेक्चरिंग से जुड़ी सभी सुविधाएं विकसित रूप में मिलती हैं। उद्यमी को किसी भी तरह की मंजूरी के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

जमीन और उसमें काम कराने को लेकर नहीं होगा झंझट: सिंगल विंडो सिस्टम के तहत मंजूरी मिलने के बाद अपने जरूरत के हिसाब से प्लॉट पर निर्माण कार्य शुरू करा सकते हैं। इन शहरों में निवेशकों के लिए जमीन पहले से तैयार रहेगी। उन्हें जमीन खोजने या फिर उसके लैंड यूज को बदलवाने या उस जमीन पर औद्योगिक यूनिट लगाने संबंधी काम के झंझट में नहीं पडऩा पड़ेगा। औद्योगिक यूनिट की स्थापना के लिए तमाम सुविधा से लैस जमीन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी थी, जिसे पूरा कर लिया गया है।

इन राज्यों में बनेंगी औद्योगिक स्मार्ट सिटी: औद्योगिक शहरों से जुड़ी छह परियोजनाएं अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर के तहत आएंगी। इनमें हरियाणा स्थित हिसार, पंजाब के पटियाला में राजपुरा, उत्तर प्रदेश में आगरा व प्रयागराज, उत्तराखंड में स्थित खुरपिया और बिहार में गया शामिल है। दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर की दो परियोजनाएं महाराष्ट्र के दिघी और राजस्थान में जोधपुर-पाली मारवाड़ शामिल हैं। विशाखापट्नम-चेन्नई औद्योगिक कॉरिडोर, हैदराबाद-बेंगलुरु औद्योगिक कॉरिडोर, हैदराबाद-नागपुर औद्योगिक कॉरिडोर और चेन्नई-बेंगलुरु औद्योगिक कॉरिडोर के तहत चार परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें आंध्र प्रदेश में कोप्पार्थी, ओरवाकई, तेलंगाना में जहीराबाद व केरल में पल्लकड़ शामिल है।

– डेडीकैडेट फ्रेट कॉरिडोर जो 2008 से बन रहा है। जो अभी तक पूरा नहीं हुआ है। सरकार का देशभर में 20 औद्योगिक शहर बसाने का फैसला अच्छा है। इसके लिए एक कार्ययोजना बनाकर सरकार इस योजना में आगे कदम बढ़ाए, जिससे उद्यमियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। साथ ही राजस्थान में रेनवाल ऐसी जगह जहां औद्योगिक शहर के विकास की संभावनाएं हैं। रेनवाल की जयपुर से कनेक्टीविटी काफी अच्छा है। इसलिए सरकार को ऐसी जगहों को चिंहित कर इस योजना में शामिल करना चाहिए, जिससे औद्योगिक शहरों के विकास को गति मिल सके। वहीं इन औद्योगिक शहरों को इस तरह से बसाया जाए, जिससे राज्य की राजधानी से इनकी कनेक्टीविटी सीधे रहे। तभी ये शहर सक्सेस हो पाएंगे।
– जगदीश सोमानी, अध्यक्ष, विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र, जयपुर

– यह व्यापार, उद्योग जगत व राजस्थान के लिए स्वमर्णित अवसर होगा। राजस्थान में जो औद्योगिक शहर बसाए जा रहे हैं। उन्हें इन इलाकों में लगाना चाहिए, जो एरिया कम ग्रो कर रहे हैं। आजकल संसाधन तो सभी जगह हैं। ये दो औद्योगिक शहर बसने से राजस्थान का चहुंमुखी विकास होगा। इसके अलावा यह भी ध्यान रखना होगा कि जहां ऑलरेडी विकास है। अगर वहीं करेंगे तो इस परियोजना का कोई फायदा नहीं है। केंद्र सरकार इन शहरों को ऐसे इलाकों में बसाए जहां डवलपमेंट की संभावना है। अगर दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर के आसपास ही बसाना है तो इसके लिए दौसा व भरतपुर परफेक्ट जगह हैं और अन्य जगह के रूप में जैसलमेर भी हो सकता है। दौसा और भरतपुर जिलों में पिछले काफी समय से डवलपमेंट नहीं हुआ हैं। इसलिए इस औद्योगिक शहरों को इन जिलों में बनाया जा सकता है।
– गिरधारी लाल खंडेलवाल, मुख्य सचिव, फोर्टी

– केंद्र सरकार की यह काफी अच्छी स्कीम है। मुख्यतया ये औद्योगिक शहर वहां विकसित किए जाएंगे जहां, नए हाइवे बन रहे हैं और अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इनमें से अधिकांश शहर दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर के आसपास ही विकसित किए जाएंगे। उद्योगों में सबसे मूलभूत आवश्ययकता सस्ती जमीन की होती है। सरकार अगर जमीन उपलब्धता कराती है तो ये शहर जल्द विकसित हो जाएंगे। सरकार के इस फैसले से पूरे भारत में इंडस्ट्रीयल डवलपमेंट होगा। राजस्थान को इस योजना के तहत दो औद्योगिक शहर मिलना सौभाग्य की बात है। इससे राजस्थान के विकास को भी गति मिलेगी।
– डॉ. अरुण अग्रवाल, महासचिव, राजस्थान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज



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