* क्रेडिटविज़न® सिबिल कमर्शियल रैंक (सीवी सीएमआर), एक नया और उन्नत रैंकिंग मॉडल है, जो ऋणदाताओं को वित्तीय रूप से अनुशासित वाणिज्यिक उधारकर्ताओं की बेहतर पहचान करने और उनसे जुड़ने में मदद करता है
* सीवी सीएमआर व्यवहार अवलोकन विंडो को 24 से 36 महीने तक बढ़ाता है, जिससे उधारकर्ता के प्रदर्शन का अधिक व्यापक दृष्टिकोण मिलता है
* यह मॉडल रैंक-योग्य आधार को 12% तक बढ़ाता है, जिससे ऋणदाताओं को पहले से अनरैंक किए गए व्यवसायों सहित अधिक व्यवसायों का आकलन करने में मदद मिलती है
* सीवी सीएमआर का उपयोग करते हुए, पोर्टफोलियो क्रेडिट गुणवत्ता से पता चलता है कि रैंक किए गए वाणिज्यिक उधारकर्ताओं में से 70% से अधिक ऋणदाता-पसंदीदा रैंक स्केल से संबंधित हैं
मुंबई, 20 जून, 2025 –भारत के वाणिज्यिक व्यवसाय श्रेणी में मज़बूत ऋण वृद्धि को आगे बढ़ाने में बैंकों और ऋण संस्थानों को और अधिक सहायता प्रदान करने वाली भारत की अग्रणी सूचना और अंतर्दृष्टि कंपनी, ट्रांसयूनियन सिबिल ने क्रेडिटविज़न® सिबिल कमर्शियल रैंक (सीवी सीएमआर) लॉन्च किया है, जो अगली पीढ़ी का ऋण जोखिम मूल्यांकन मॉडल है। यह उन्नत मॉडल ऋणदाताओं को वाणिज्यिक ऋण परितंत्र में अधिक सटीक, ज़्यादा ज़िम्मेदार निर्णय लेने में मदद करता है। सीवी सीएमआर अधिक सटीकता, व्यापक उधारकर्ता कवरेज और ऋण व्यवहार में गहन अंतर्दृष्टि पेश करता है, जो वाणिज्यिक ऋण प्रक्रिया को बेहतर बनाता है।
ट्रांसयूनियन सिबिल ने व्यवसायों को वहनीय और व्यवहार्य तरीके से विकसित करने की यात्रा में एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में डेटा अंतर्दृष्टि, उत्पादों और समाधानों के साथ क्रेडिट संस्थानों का लंबे समय तक समर्थन किया है। इसके विश्लेषणात्मक नवोन्मेषों में से एक – सीएमआर ने वाणिज्यिक ऋण जोखिम मूल्यांकन को बदल दिया। इसे 2017 में लॉन्च किया गया था और फिलहाल उद्योग में सभी वाणिज्यिक ऋण उत्पत्ति का लगभग 60% सीएमआर द्वारा समर्थित है। पिछले आठ साल में, इस समाधान ने क्रेडिट संस्थानों को अधिक निष्पक्षता और सटीकता के साथ ऋण जोखिम का आकलन और प्रबंधन करने में मदद की है और अपेक्षाकृत अधिक व्यवसायों को अपने वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उधारकर्ताओं के बदलते व्यवहार और बाज़ार की गतिशीलता को देखते हुए, ट्रांसयूनियन सिबिल ने सीवी सीएमआर लॉन्च किया है, जो विश्वसनीय क्रेडिटविज़न® ढांचे पर बना है और अधिक स्मार्ट, अधिक रणनीतिक ऋण देने में सक्षम बनाता है। मूल सीएमआर मॉडल लोकप्रिय रहा और अधिकांश ऋणदाता सोच-समझकर ऋण संबंधी फैसलों का समर्थन करने के लिए इसका उपयोग कर रहे हैं। इसे अपनाने की प्रक्रिया में बढ़ोतरी और सिद्ध प्रभाव के आधार पर, सीवी सीएमआर उन्नत क्षमता प्रदान करता है जो गहन अंतर्दृष्टि और विस्तारित कवरेज प्रदान करते हैं। इसकी प्रभावशीलता को प्रमुख प्रदर्शन मीट्रिक से बल मिलता है:
* मज़बूत मॉडल स्थिरता: अगले तीन महीनों में 90% से अधिक उधारकर्ता समान या ±1 रैंक के भीतर बने रहते हैं, जिससे लगातार ऑनबोर्डिंग संबंधी निर्णय लेने में मदद मिलती है
* बेहतर जोखिम आकलन (डिफरेन्सिएशन): सीएमआर-1 से सीएमआर -10 तक खराब दरें 0.9% से 98.3% तक होती हैं, जिसमें रैंक में उधारकर्ताओं का समान वितरण होता है
* व्यापक सोर्सिंग फनेल: सीवी सीएमआर ऋणदाताओं को पूछताछ के चरण में बेहतर रैंक वाले उधारकर्ताओं (सीएमआर-1 से 3) के अतिरिक्त ~5%-7% तक पहुंचने में मदद करता है, जिससे संभावित अनुमोदन फनेल का विस्तार होता है। सीवी सीएमआर रैंक योग्य आधार को लगभग 12% तक बढ़ाता है, जिससे पहले से अनरैंक (रैंक से दूर) किए गए व्यवसायों तक पहुंच संभव हो जाती है और नए ऋण अवसर खुलते हैं।
ट्रांसयूनियन सिबिल के स्वामित्व वाले क्रेडिटविज़न® एल्गोरिदम का उपयोग कर विकसित, सीवी सीएमआर भारत के विकसित हो रहे वाणिज्यिक ऋण क्षेत्र की बारीकियों को दर्शाने के लिए तैयार किया गया है। यह अवलोकन अवधि को 24 से 36 महीने तक बढ़ाता है, जिससे ऋणदाताओं को उधारकर्ता के प्रदर्शन के बारे में अधिक व्यापक दृष्टिकोण मिलता है। इससे ऋणदाताओं को बेहतर निर्णय लेने और विभिन्न उधारकर्ताओं तथा ऋण प्रकारों के आधार पर जोखिम का बेहतर आकलन करने में सहायता मिलती है।
ट्रांसयूनियन सिबिल के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी, श्री भावेश जैन ने लॉन्च के अवसर पर कहा, “भारत का एमएसएमई क्षेत्र आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण चालक है, जो रोज़गार, नवोन्मेष और क्षेत्रीय विकास में योगदान देता है। सात करोड़ से अधिक एमएसएमई के साथ, वाणिज्यिक ऋण में गति निर्विवाद है। हम स्वस्थ ऋण मांग और स्थिर पोर्टफोलियो प्रदर्शन देख रहे हैं, खासकर जब एमएसएमई कार्यशील पूंजी, विस्तार और लचीलेपन के लिए धन की तलाश जारी रखते हैं। एमएसएमई को स्पष्ट और अधिक सटीक ऋण अंतर्दृष्टि प्रदान करना स्थायी वित्तीय समावेश को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक है। ₹50 करोड़ तक के सक्रिय जोखिम वाले व्यवसाय सीवी सीएमआर के दायरे में आते हैं। सीवी सीएमआर ऋणदाताओं को वाणिज्यिक व्यवसायों के लिए समग्र ऋण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करते हुए, तेज़, अधिक सूचित निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करता है। ऐसा करने में, यह एक आत्मनिर्भर और समावेशी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में योगदान देता है, जहां योग्य व्यवसाय विकास और दीर्घकालिक आर्थिक समृद्धि के लिए आवश्यक पूंजी हासिल कर सकते हैं।”
टाटा कैपिटल लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी, श्री राजीव सभरवाल ने कहा: “हमें यह देखकर खुशी हो रही है कि ट्रांसयूनियन सिबिल ने सीवी सीएमआर (क्रेडिट विजन – सिबिल कमर्शियल रैंक) के लॉन्च के साथ बाज़ार की गतिशीलता में हाल के बदलावों को शामिल करने के लिए अपने प्रमुख सीएमआर को बढ़ाया है। रैंक विकसित करने के लिए बढ़ी हुई अवलोकन विंडो और अधिक हालिया डेटा का उपयोग करके, सीवी सीएमआर में जोखिम का आकलन (डिफरेन्सिएशन) अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है और इसलिए रैंक अधिक मज़बूत होगा। मैं ट्रांसयूनियन सिबिल को उसके प्रयासों में शुभकामनाएं देता हूं क्योंकि यह हमेशा प्रभावी समाधानों में अग्रणी रहा है जिसने वित्तीय संस्थानों को ऋण संबंधी उचित फैसले लेने और जोखिम को सटीकता से प्रबंधित करने में मदद की है।”
एसवीसी को-ऑपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक, श्री रविंदर सिंह ने कहा: “ट्रांसयूनियन सिबिल के सीएमआर ने हमारी क्रेडिट मूल्यांकन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और योग्य व्यवसायों को तेज़ और सस्ती दर पर ऋण उपलब्ध कराने में हमारी बहुत मदद की है। उन्नत संस्करण यानी क्रेडिट विज़न सिबिल कमर्शियल रैंक (सीवी सीएमआर) के साथ, जो लंबे समय तक क्रेडिट विंटेज पर विचार करता है, हमें विश्वास है कि हम छोटे व्यवसायों की वंचित और असेवित आबादी तक अपनी क्रेडिट पहुंच का और विस्तार कर सकेंगे।”
एम्बिट फिनवेस्ट के मुख्य कार्यकारी, श्री संजय अग्रवाल ने कहा: “सीएमआर ने हमारी शाखाओं में छोटे व्यवसाय से जुड़े ऋण में अधिक व्यवस्थित करने में मदद की है। एक स्पष्ट, सुसंगत जोखिम रैंक उपलब्ध होने के साथ, हमारे क्रेडिट अधिकारी मानकीकृत क्रेडिट ढांचे को अधिक आत्मविश्वास से लागू करने में सक्षम हैं। इसने मूल्यांकन की गति में सुधार किया है, व्यक्तिपरकता को कम किया है, और हमें क्षेत्रों में क्रेडिट गुणवत्ता को अधिक पूर्वानुमानित रूप से प्रबंधित करने में मदद की है। उन्नत सीवी सीएमआर संभवतः बेहतर मॉडल सटीकता और व्यापक डेटा कवरेज के साथ इन प्रक्रियाओं को और भी सुव्यवस्थित करने में हमारी मदद करेगा।”
सीवी सीएमआर मॉडल उधारकर्ताओं को क्रेडिट व्यवहार और उद्योग की सर्वोत्तम प्रथाओं के आधार पर वर्गीकृत करता है, जिससे अधिक कुशल और ज़रूरत के मुताबिक निर्णय लेने में मदद मिलती है। इसके अतिरिक्त, सीवी सीएमआर अनुमोदन अनुपात में सुधार कर डिजिटल ऋण यात्रा का समर्थन करता है, जिससे ऋण संबंधी तेज़ और अधिक सटीक निर्णय लिए जा सकते हैं। सीवी सीएमआर (सीएमआर-1 से सीएमआर-10) की 10-स्केल रैंक 90+ दिनों के पिछले डिफॉल्ट दरों के अवलोकन पर आधारित है। सीएमआर-1 सबसे अच्छी संभावित रैंक है और इसमें सबसे कम डिफॉल्ट दर है, जबकि सीएमआर-10 में सबसे अधिक डिफॉल्ट दर है – डिफॉल्ट दर जितनी अधिक होगी, क्रेडिट प्रोफाइल उतना ही जोखिम भरा होगी। सीवी सीएमआर इन बुनियादी बातों के आधार पर उधारकर्ताओं को वर्गीकृत करता है, और फिलहाल पोर्टफोलियो क्रेडिट गुणवत्ता से पता चलता है कि रैंक किए गए वाणिज्यिक उधारकर्ताओं में से 73% ऋणदाता-पसंदीदा रैंक स्केल से संबंधित हैं।
फिलहाल, 94 लाख सक्रिय वाणिज्यिक उधारकर्ता हैं। यह तादाद 2020 के मुकाबले 1.5 गुना अधिक है। इस प्रगति को प्रधान मंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई), सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई), सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम), ट्रेड रिसीवेबल्स इलेक्ट्रॉनिक डिस्काउंटिंग सिस्टम (टीआरईडी), ओपन क्रेडिट इनेबलमेंट नेटवर्क (ओसीईएन), और डिजिटल कॉमर्स के लिए ओपन नेटवर्क (ओएनडीसी) जैसी पहलों से सहायता मिली है, जो वाणिज्यिक उधार के लिए उपजाऊ जमीन तैयार कर रही है और विवेकपूर्ण ऋण विस्तार को आगे बढ़ाने में सीवी सीएमआर जैसे ज़रिये का अहमियत बढ़ा रही है।

