Friday, August 21, 2026 |
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बुजुर्ग बोझ नहीं बल्कि परिवार के है नींव, संजोकर रखिए

The elderly are not a burden but the foundation of the family; cherish them.

by Business Remedies
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वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त तथा उनके अनुभव, ज्ञान और समाज में योगदान पहचानने को लेकर आज राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस मनाया जाएगा। सही मायने में बुजुर्ग ही घर की देहरी और घर के मुखिया होते हैं। ये दिन उन्हें अहसास दिलाने के लिए है कि वो बोझ नहीं बल्कि परिवार के है नींव, इन्हें संजोकर रखिए। वरिष्ठ नागरिक अपने अनुभव, ज्ञान और संस्कृति से समाज को समृद्ध करते हैं। पर आज कई परिवारों में बुजुर्गों को बोझ भी माना जा रहा है। इस बोझ के कारण ही उन्हें वृद्धाश्रम में भिजवा दिया जाता है। ऐसा करना उन परिवारों के लिए धब्बा ही है। इन परिवारों को जागरूक करना और उम्र के आधार पर होने वाले भेदभाव और नकारात्मक धारणाओं को चुनौती देना भी इसका मुख्य उद्देश्य है। इसके अलावा यह दिवस बुजुर्गों को सम्मानजनक एवं गरिमापूर्ण जीवन जीने की याद दिलाता है। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और दीर्घकालिक देखभाल की आवश्यकता पर ध्यान दिया जाता है। उपेक्षा, भेदभाव, हिंसा और आर्थिक शोषण के विरुद्ध जागरूकता बढ़ाई जाती है। बुजुर्गों के अनुभव और नई पीढ़ी की ऊर्जा के बीच बेहतर संवाद को प्रोत्साहित किया जाता है। वरिष्ठ नागरिकों को केवल सहायता पाने वाले व्यक्तिके रूप में नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुभव और सामाजिक योगदान के महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में देखा जाता है। संयुक्त राष्ट्र भी वरिष्ठ नागरिकों को समाज और विकास में सक्रिय योगदानकर्ता मानता है। इस दिवस का मूल औपचारिक इतिहास अमेरिका के नेशनल सीनियर सिटीजन डे से जुड़ा है। अमेरिकी कांग्रेस ने 1988 में आज के दिन इसे मनाने की पहल की थी। समय के साथ इसे दुनिया भर में बुजुर्गों के सम्मान और उनकी समस्याओं पर ध्यान देने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय अवसर के रूप में अपनाया जाने लगा।



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