Sunday, August 9, 2026 |
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फिल्मी सितारों को नहीं, माता-पिता, दादा-दादी और महापुरुषों को बनाएं रोल मॉडल: Swami Ramdev

गुरु पूर्णिमा पर Patanjali में 111 कुण्डीय महायज्ञ, 1176 विद्यार्थियों का उपनयन-वेदारंभ संस्कार

by Business Remedies
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  • Swami Ramdev और Acharya Balkrishna ने गुरु-शिष्य परंपरा का महत्व बताया
  • Acharya Balkrishna बोले, गुरु पूर्णिमा सकारात्मकता और पुरुषार्थ का संवाहक पर्व है

हरिद्वार। Patanjali Phase-2 Yoga Bhawan में दिव्य और भव्य तरीके से गुरु पूर्णिमा मनाया गया। इस दौरान Patanjali Yogpeeth पूरी तरह से गुरु-शिष्य परंपरा में डूबा रहा। यज्ञ, हवन से पूरा वातावरण बेहद ‘भावमय’ हो गया था। आवासीय विद्यालय Acharyakulam में आज के पावन पर्व पर वैदिक रीति से 1176 विद्यार्थियों का उपनयन व वेदारंभ संस्कार संपन्न हुआ। वहीं, Patanjali Phase-2 Yoga Bhawan में 111 कुण्डीय महायज्ञ का दिव्य आयोजन किया गया। जहां Swami Ramdev और Acharya Balkrishna से आशीष लेने के लिए हजारों शिष्य मौजूद रहे।

इस अवसर पर Swami Ramdev ने कहा कि कुछ मूर्ख गुरु-शिष्य परंपरा को गुरु की गुलामी कहते हैं जबकि खुद वो विलासिता में डूबे हुए हैं। Swami Ramdev ने कहा कि नायक और नायिका को अपना आदर्श, रोल मॉडल और आइकन मत मानो, अपने माता-पिता, दादा-दादी, नानी-नानी को रोल मॉडल मानो।

वहीं, Acharya Balkrishna ने गुरु-शिष्य परंपरा का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए Swami Ramdev से चरण छूकर आशीर्वाद लेकर कहा कि गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व सकारात्मकता व पुरुषार्थ का संवाहक है। गुरु के बताए पथ पर चलने वाला कभी गलत रास्तों पर नहीं जा सकता।

गुरु को साक्षात ब्रह्मस्वरूप माना गया है: Swami Ramdev

Patanjali Phase-2 Yoga Bhawan में Swami Ramdev ने कहा कि हमारी संस्कृति में गुरु को साक्षात ब्रह्मस्वरूप माना गया है। Acharyakulam सहित Patanjali के सभी शिक्षा प्रकल्प गुरु-शिष्य परंपरा के पावन अधिष्ठान हैं।

उन्होंने कहा कि कुछ मूर्ख गुरु-शिष्य परंपरा को गुरु की गुलामी कहते हैं जबकि वे खुद नशा, भोग, विलासिता और अलग-अलग तरह के संसाधनों की गुलामी, कुंठाओं, जड़ताओं और प्रलोभनों में जीते रहते हैं।

फिल्मी सितारों को रोल मॉडल नहीं मानने की अपील

Swami Ramdev ने गीत और डायलॉग पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आजकल नालायक नायक हो गए हैं। फिल्मी सितारों के डायलॉग और गाने गुनगुनाए और गाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नालायकों को कभी अपना नायक नहीं बनाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि कभी फिल्मी डायलॉग नहीं बोलना, कभी फिल्मी गीत नहीं गाना। जिस दिन हम आपस में वेदों के मंत्र गुनगुनाने लगेंगे उस दिन धरती सज जाएगी। उस दिन मेरे गीतों का त्योहार मनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि फिल्मी सितारों का अनुकरण तो कभी करना ही नहीं है। फिल्मी सितारों को कभी भी अपना आदर्श, रोल मॉडल और आइकन नहीं मानना। हमारे आदर्श हमारे रोल मॉडल Shri Ram Ji हैं। हमारे जीवन में राम का रामत्व होना चाहिए। कृष्ण का कृष्णत्व, शिव का शिवत्व, देवों का देवत्व, ऋषियों का ऋषित्व, हिंदुओं का हिंदुत्व, सनातन का सनातन तत्व और वेदों का वेदत्व हमारा स्वभाव है।

उन्होंने कहा कि हमारे रोल मॉडल ऋषि-ऋषिकाएं, वीर-वीरांगनाएं, हमारे गुरुजन और हमारे घर में सबसे बड़े रोल मॉडल हमारे माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी हैं। उनकी वजह से आप यहां हैं। उनकी वजह से Swami Ramdev यहां हैं। उनकी वजह से Patanjali के सभी प्रकल्प यहां पर हैं।

Swami Ramdev ने कहा कि बड़ों की बात मानना और उनके बताए रास्तों पर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि Acharya Balkrishna हमारे रोल मॉडल हैं। वर्तमान युग में आचार्यों की परंपरा का प्रतिनिधित्व Acharya Balkrishna कर रहे हैं। Swami Ramdev ने Acharya Balkrishna के पुरुषार्थ को भी याद किया।

इस अवसर पर Acharya Balkrishna ने कहा कि महापुरुष जिस पथ पर चले, उस पथ पर ही चलना होगा। गुरु ज्ञान सदैव सत्य के मार्ग की ओर ले जाता है। उन्होंने कहा कि दीक्षाप्राप्त बटुकों सहित हम सभी को इस पर्व भावना का सदैव सम्मान करना चाहिए।

1176 विद्यार्थियों का उपनयन-वेदारंभ संस्कार संपन्न

पावन पर्व पर Acharyakulam की उपाध्यक्षा Dr. Ritambhara Shastri सहित प्राचार्या Swati Munshi Ji ने विद्यार्थियों को अपने करकमलों से भिक्षादान व सुमनवृष्टि कर शुभाशीष प्रदान किया। सभी विद्यार्थियों के अभिभावक भी इस शुभ घड़ी के प्रत्यक्ष साक्षी बने तथा अपने पाल्यों को भिक्षा व शुभाशीष प्रदान किया।

इस अवसर पर Bhartiya Shiksha Board के कार्यकारी अध्यक्ष Dr. NP Singh, Patanjali Civil Services Academy के प्रमुख Avadh Ojha, Patanjali Ayurveda Mahavidyalaya के प्राचार्य Anil, Patanjali के समस्त शिक्षा प्रकल्पों के प्रमुख, Acharyakulam के उप-प्राचार्य Tapas Kumar Beraji, समन्वयिका Deepa Devi, मुख्य छात्रपाल Amit Dani सहित सभी संन्यासीवृंद, आचार्य, कर्मचारीगण व विद्यार्थी उपस्थित रहे।



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