भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन दबाव देखने को मिला। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और निवेशकों की सतर्कता के बीच बाजार में बिकवाली हावी रही। कारोबार के अंत में Nifty 23,150 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे बंद हुआ, जबकि Sensex 719 अंक टूटकर लाल निशान में बंद हुआ।
दिनभर के कारोबार के दौरान अधिकांश प्रमुख क्षेत्रों में कमजोरी देखने को मिली। विशेष रूप से सूचना प्रौद्योगिकी, वित्तीय सेवाओं और धातु क्षेत्र के शेयरों पर दबाव बना रहा। बढ़ती तेल कीमतों को लेकर निवेशकों की चिंता का असर बाजार की धारणा पर साफ दिखाई दिया, जिसके चलते प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई।
Nifty के प्रमुख गिरने वाले शेयरों में विप्रो, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, इटरनल, हिंदाल्को इंडस्ट्रीज और श्रीराम फाइनेंस शामिल रहे। इन कंपनियों के शेयरों में दिनभर बिकवाली का दबाव बना रहा, जिससे सूचकांक पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।
दूसरी ओर, कुछ चुनिंदा शेयरों ने बाजार की कमजोरी के बावजूद मजबूती दिखाई। मैक्स हेल्थकेयर, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक महिंद्रा और नेस्ले इंडिया के शेयर हरे निशान में बंद हुए। इन कंपनियों में निवेशकों की खरीदारी देखने को मिली, जिससे इन्हें बाजार की गिरावट के बीच भी समर्थन मिला।
विश्लेषकों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। यदि तेल कीमतों में और तेजी आती है तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी बाजार पर दबाव बना रह सकता है। वहीं, घरेलू आर्थिक आंकड़े और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की आगामी दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

