सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार के दौरान Nifty 23,150 के स्तर से नीचे फिसल गया, जबकि Sensex में 700 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में कमजोर निवेशक धारणा और विभिन्न क्षेत्रों में बिकवाली के चलते प्रमुख सूचकांक दबाव में कारोबार करते दिखाई दिए। Nifty पर सबसे अधिक गिरावट वाले शेयरों में हिंदाल्को, टीएमपीवी, इंटरग्लोब एविएशन, बजाज फाइनेंस और श्रीराम फाइनेंस शामिल रहे। इन कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिससे प्रमुख सूचकांक नीचे खिसक गए।
वहीं दूसरी ओर कुछ चुनिंदा शेयरों में मजबूती भी देखने को मिली। डॉ. रेड्डीज लैबोरेट्रीज़, सन फार्मा, नेस्ले, अपोलो हॉस्पिटल्स और भारतीय स्टेट बैंक के शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। इन शेयरों में खरीदारी के कारण बाजार को सीमित सहारा मिला, हालांकि यह व्यापक गिरावट को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं रहा। क्षेत्रीय सूचकांकों की बात करें तो मीडिया, फार्मा और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकिंग क्षेत्र को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। धातु, वित्तीय सेवाएं, वाहन और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयरों में दबाव देखने को मिला।
मध्यम आकार और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी कमजोरी बनी रही। Nifty Midcap और Smallcap सूचकांक लगभग 1प्रतिशत तक की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। इससे यह संकेत मिला कि बिकवाली केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि व्यापक बाजार पर भी इसका असर दिखाई दिया। निवेशक फिलहाल वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और आगामी आर्थिक घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निकट अवधि में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है और निवेशकों को सावधानीपूर्वक निवेश निर्णय लेने की आवश्यकता है।

