Middle East में बढ़ते तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला। गुरुवार को कारोबार की शुरुआत कमजोर रही और प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ खुले। Sensex शुरुआती कारोबार में लगभग 330 अंक टूट गया, जबकि Nifty 23,100 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार में बिकवाली का दबाव मुख्य रूप से सूचना प्रौद्योगिकी और वाहन क्षेत्र के शेयरों में देखा गया। निवेशकों की सतर्कता के कारण अधिकांश क्षेत्रीय सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। केवल औषधि क्षेत्र में कुछ मजबूती देखने को मिली, जबकि अन्य सभी प्रमुख क्षेत्रों में कमजोरी दर्ज की गई।
Nifty में सबसे अधिक बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों में ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, अपोलो हॉस्पिटल्स और मारुति सुज़ुकी शामिल रहे। इन कंपनियों के शेयरों में खरीदारी का रुझान देखने को मिला, जिससे बाजार की गिरावट कुछ हद तक सीमित रही। वहीं दूसरी ओर, एचसीएल टेक्नोलॉजीज़, इंफोसिस, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, आयशर मोटर्स और इटरनल के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। विशेष रूप से सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र पर दबाव अधिक रहा और आईटी सूचकांक में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
मध्यम आकार और छोटी कंपनियों के शेयर भी दबाव में रहे। Nifty Midcap और Smallcap सूचकांकों में लगभग 0.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में व्यापक स्तर पर बिकवाली का माहौल बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि Middle East में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है। इसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। निवेशक फिलहाल वैश्विक घटनाक्रमों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।

