मुंबई,
सोमवार सुबह भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में निवेशकों की भारी बिकवाली के कारण Sensex लगभग 2,400 अंक टूट गया, जबकि Nifty 23,800 के स्तर से नीचे फिसल गया। बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और व्यापक बिकवाली के चलते लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों के शेयर दबाव में नजर आए। आज के कारोबार में Nifty से जुड़े कई बड़े शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। श्रीराम फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन, एशियन पेंट्स, लार्सन एंड टुब्रो तथा अदाणी पोर्ट्स जैसे प्रमुख शेयर नुकसान में कारोबार करते दिखाई दिए। इन कंपनियों के शेयरों में बिकवाली के कारण Nifty पर अतिरिक्त दबाव बना रहा। वहीं दूसरी ओर कुछ चुनिंदा कंपनियों के शेयरों में मामूली मजबूती देखने को मिली। ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन और कोल इंडिया के शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए, जिससे बाजार में सीमित सहारा मिला।
सभी सेक्टरों में बिकवाली का दबाव
शेयर बाजार में लगभग सभी सेक्टरों के सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। विशेष रूप से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से जुड़ा सूचकांक लगभग 4 प्रतिशत तक लुढ़क गया। बैंकिंग शेयरों में आई इस तेज गिरावट ने बाजार के समग्र रुख को कमजोर किया। इसके अलावा मध्यम आकार और छोटी कंपनियों के शेयर भी भारी दबाव में रहे। Nifty मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे यह संकेत मिलता है कि बिकवाली केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही बल्कि पूरे बाजार में फैली हुई है।
बाजार में अस्थिरता बढ़ी
बाजार में बढ़ती अस्थिरता का भी असर दिखाई दिया। निवेशकों की सतर्कता के कारण उतार-चढ़ाव का सूचकांक India VIX लगभग 21 प्रतिशत तक बढ़ गया। आम तौर पर इस सूचकांक में तेज बढ़त को बाजार में बढ़ते डर और अनिश्चितता का संकेत माना जाता है। विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक संकेतों और निवेशकों की सतर्कता के कारण बाजार में दबाव बना हुआ है। बड़ी गिरावट के चलते कई निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बचते हुए दिखाई दे रहे हैं। यदि बिकवाली का यही रुख जारी रहा तो आने वाले सत्रों में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

