वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेतों और अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा के बाद भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को शानदार तेजी देखने को मिली। निवेशकों की मजबूत खरीदारी के चलते Sensex 736 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि Nifty 23,800 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर बंद होने में सफल रहा। भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद से बाजार में उत्साह का माहौल रहा और लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों में खरीदारी दर्ज की गई।
कारोबार के दौरान निवेशकों ने जोखिम वाली परिसंपत्तियों में रुचि दिखाई, जिससे व्यापक बाजार में भी तेजी देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की संभावनाओं ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताओं को कम किया, जिसका सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया। Nifty के प्रमुख शेयरों में श्रीराम फाइनेंस, ट्रेंट, एचडीएफसी लाइफ, आयशर मोटर्स और बजाज फिनसर्व सबसे अधिक बढ़त दर्ज करने वाले शेयर रहे। इन कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी ने बाजार की तेजी को समर्थन दिया।
वहीं दूसरी ओर, एनटीपीसी, ओएनजीसी, बजाज ऑटो, आईसीआईसीआई बैंक और हिंदाल्को इंडस्ट्रीज़ के शेयर दबाव में रहे और गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि इन शेयरों में कमजोरी के बावजूद बाजार की समग्र धारणा सकारात्मक बनी रही। क्षेत्रवार प्रदर्शन की बात करें तो स्वास्थ्य सेवा और औषधि क्षेत्र को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। रियल एस्टेट क्षेत्र ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया और Nifty Realty सूचकांक में लगभग 4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा ऑटोमोबाइल, धातु और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु क्षेत्रों के सूचकांकों में करीब 2 प्रतिशत की तेजी रही।
व्यापक बाजार में भी निवेशकों का भरोसा मजबूत बना रहा। Nifty Midcap 100 और Nifty Smallcap 100 सूचकांक लगभग 1.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए, जिससे यह संकेत मिला कि बड़े शेयरों के साथ-साथ मध्यम और छोटे आकार की कंपनियों में भी निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक स्तर पर सकारात्मक माहौल बना रहता है और भू-राजनीतिक जोखिम सीमित रहते हैं, तो आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार में तेजी का रुख जारी रह सकता है। हालांकि निवेशकों को वैश्विक घटनाक्रम और घरेलू आर्थिक संकेतकों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

