Sunday, September 20, 2026 |
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Sensex 1300 अंक टूटा, Nifty 22,800 के नीचे खुला

कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच शेयर बाजार में भारी गिरावट

by Business Remedies
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Graph and trading screen showing the fall in the Indian stock market

Mumbai,

सप्ताह की शुरुआत में भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के कारण सोमवार को market ने gap-down opening की। Nifty 22,800 के नीचे खुला, जो कि 17 April 2025 के बाद पहली बार है जब यह स्तर टूटा है। वहीं Sensex करीब 1300 अंकों की भारी गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। सुबह के कारोबार में लगभग सभी प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे। निवेशकों में सतर्कता का माहौल देखने को मिला, जिसका असर व्यापक रूप से बाजार पर पड़ा। खासकर धातु, बैंकिंग और ऑटो क्षेत्र के शेयरों में बिकवाली ज्यादा रही।

प्रमुख कंपनियों के शेयरों में गिरावट

Nifty में शामिल बड़ी कंपनियों में हिन्दाल्को इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, भारतीय स्टेट बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में प्रमुख गिरावट दर्ज की गई। इन कंपनियों में बिकवाली का दबाव अधिक देखने को मिला, जिससे सूचकांक पर नकारात्मक असर पड़ा। वहीं दूसरी ओर, मैक्स हेल्थकेयर और ओएनजीसी जैसे कुछ शेयरों में हल्की बढ़त देखने को मिली, जिससे बाजार को सीमित सहारा मिला, लेकिन यह तेजी व्यापक गिरावट को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं रही।

सभी सेक्टर दबाव में, व्यापक गिरावट

बाजार के सभी सेक्टोरल सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते दिखे। ऑटो, मीडिया, बैंकिंग, धातु और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से जुड़े शेयरों में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे स्पष्ट है कि गिरावट केवल चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे बाजार में व्यापक रूप से फैली हुई है। मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में भी दबाव देखा गया। इन दोनों श्रेणियों के सूचकांकों में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे छोटे और मध्यम निवेशकों को भी नुकसान उठाना पड़ा।

रुपया कमजोर, नया निचला स्तर

विदेशी मुद्रा बाजार में भी दबाव देखने को मिला। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। यह गिरावट विदेशी निवेशकों की निकासी और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक दबाव, भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भारतीय बाजार पर पड़ रहा है। निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं और जोखिम लेने से बच रहे हैं। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेश प्रवाह और रुपये की स्थिति पर निर्भर करेगी



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