08 May 2026 को भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट देखने को मिली। शुक्रवार सुबह कारोबार के दौरान Sensex में 400 अंक से ज्यादा की कमजोरी दर्ज की गई, जबकि Nifty 24,200 के नीचे फिसल गया। बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ने से निवेशकों में सतर्कता का माहौल बना रहा। शुरुआती कारोबार में Sensex लगभग 0.50 प्रतिशत कमजोर होकर नीचे कारोबार करता दिखा। वहीं Nifty में भी आधे प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली, हालांकि इन सूचकांकों का प्रदर्शन मुख्य सूचकांकों की तुलना में थोड़ा बेहतर रहा।
बाजार में सबसे अधिक दबाव बैंकिंग और धातु क्षेत्र के शेयरों पर दिखाई दिया। एचडीएफसी बैंक और कोल इंडिया के शेयर करीब2प्रतिशत तक टूट गए। इसके अलावा कई बड़े शेयरों में भी बिकवाली देखी गई, जिससे बाजार का रुख कमजोर बना रहा। विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने का मुख्य कारण साप्ताहिक Sensex एक्सपायरी और वैश्विक संकेतों की कमजोरी रही। कारोबार के दौरान निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी, जिससे बाजार पर दबाव और बढ़ गया।
तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि Nifty ने छोटे मंदी वाले कैंडल पैटर्न का निर्माण किया है, जिससे बाजार में फिलहाल अस्थिरता और सीमित दायरे में कारोबार के संकेत मिल रहे हैं। विश्लेषकों के मुताबिक यदि Nifty 24,400 के ऊपर मजबूती के साथ बंद होने में सफल रहता है, तो बाजार में आगे तेजी का माहौल बन सकता है। वहीं दूसरी ओर यदि Nifty24,200 के नीचे बना रहता है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में और कमजोरी देखने को मिल सकती है। निवेशकों को फिलहाल सावधानी के साथ निवेश करने और वैश्विक संकेतों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

