गुरुवार को भारतीय stock market update में भारी गिरावट देखने को मिली, जहां Sensex और Nifty में तेज बिकवाली के कारण बाजार बुरी तरह टूट गया। लगातार तीन दिनों की तेजी के बाद बाजार में अचानक आई गिरावट ने निवेशकों को बड़ा नुकसान पहुंचाया। दोपहर 3 बजे तक Sensex 2,573.23 अंक गिरकर 74,130.91 पर आ गया, जो करीब 3.35 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है। वहीं Nifty भी 787.60 अंक टूटकर 22,990.20 पर बंद हुआ, यानी यह 3.29 प्रतिशत नीचे रहा और 23 हजार के महत्वपूर्ण स्तर से भी नीचे फिसल गया।
बाजार पूंजीकरण में भारी गिरावट
इस तेज गिरावट के चलते बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण लगभग 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक घट गया। इससे निवेशकों की संपत्ति में बड़ी कमी आई। Nifty के सभी 16 प्रमुख सेक्टर लाल निशान में रहे। खासकर वित्तीय और बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों में करीब 3 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। इसमें एचडीएफसी बैंक में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना। बड़े शेयरों के साथ-साथ छोटे और मझोले कंपनियों के शेयरों में भी कमजोरी रही। Nifty Smallcap100 और Nifty Midcap100 सूचकांक भी करीब 2 प्रतिशत तक गिर गए, जिससे व्यापक बाजार में नकारात्मक माहौल बना रहा।
गिरावट के 6 प्रमुख कारण
बाजार में इस बड़ी गिरावट के पीछे कई अहम कारण रहे:
पहला, कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी, जिससे लागत बढ़ने की चिंता बढ़ी।
दूसरा, वैश्विक संकेत कमजोर रहे, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगाया।
तीसरा, विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली की गई।
चौथा, हाल की तेजी के बाद मुनाफावसूली बढ़ी।
पांचवां, बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में भारी दबाव रहा।
छठा, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण बाजार में घबराहट बढ़ी।
निवेशकों में सतर्कता का माहौल
बाजार की इस गिरावट के बाद निवेशकों में सतर्कता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक संकेत मजबूत नहीं होते और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

