Mumbai,
देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक HDFC Bank के शेयरों पर गुरुवार को भारी दबाव देखने को मिला। global स्तर पर भी बैंक के ADR में करीब 8 प्रतिशत की तेज गिरावट दर्ज की गई और यह 26.42 डॉलर पर आ गया, जो पहले 28.71 डॉलर पर बंद हुआ था। घरेलू stock market update की बात करें तो बैंक का शेयर भी बड़ी गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। यह लगभग 8.66 प्रतिशत टूटकर 770 रुपये के दिन के निचले स्तर तक पहुंच गया, जबकि पिछला बंद भाव 843 रुपये था।
chairman के इस्तीफे का असर
इस गिरावट की मुख्य वजह बैंक में हुआ बड़ा प्रबंधन बदलाव माना जा रहा है। HDFC Bank के अंशकालिक chairman और स्वतंत्र निदेशक अतनु चक्रवर्ती ने 18 March को तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह जानकारी बैंक द्वारा जारी की गई आधिकारिक फाइलिंग में दी गई। इसके बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंक के अनुरोध को मंजूरी देते हुए केकी मिस्त्री को 19 March से तीन महीने के लिए अंतरिम अंशकालिक chairman नियुक्त करने की अनुमति दे दी है। हालांकि, केकी मिस्त्री ने स्पष्ट किया कि अतनु चक्रवर्ती के जाने के बाद बैंक में कोई बड़ी समस्या नहीं है।
इस्तीफे के पीछे विचारों का मतभेद
अतनु चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे में कहा कि पिछले दो वर्षों में बैंक के भीतर कुछ ऐसी घटनाएं और कार्यप्रणालियां देखी गईं, जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं थीं। इसी कारण उन्होंने यह निर्णय लिया। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनके इस्तीफे के पीछे कोई अन्य महत्वपूर्ण कारण नहीं है। NDTV Profit से बातचीत में चक्रवर्ती ने कहा कि उनका इस्तीफा किसी भी गलत कार्य से जुड़ा नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके विचार संगठन से मेल नहीं खा रहे थे, इसलिए अलग होने का निर्णय लिया गया। उन्होंने दोहराया कि बैंक के भीतर किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं है और उनका फैसला केवल सोच और कार्यशैली में अंतर के कारण लिया गया है। सुबह करीब 9:44 बजे बैंक का बाजार पूंजीकरण लगभग 12,36,130 करोड़ रुपये रहा। वहीं, पिछले एक सप्ताह में बैंक के बाजार पूंजीकरण में करीब 61,715 करोड़ रुपये की गिरावट आई है। देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल HDFC Bank इस अवधि में सबसे अधिक नुकसान उठाने वाली कंपनियों में से एक रही है।

