Mumbai,
वैश्विक स्तर पर बढ़ते Middle East तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के चलते गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच बाजार की शुरुआत ही भारी दबाव के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में Sensex करीब 1,953 अंक यानी 2.55 प्रतिशत टूटकर 74,750 पर आ गया, वहीं Nifty भी भारी बिकवाली के दबाव में 580 अंक यानी लगभग 2.4 प्रतिशत गिर गया। हालांकि बाद में थोड़ी रिकवरी देखने को मिली, लेकिन बाजार में कमजोरी बनी रही। बाजार में लगभग सभी सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई, जिसमें वित्तीय और वाहन क्षेत्र के शेयर सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। Nifty Private Bank सूचकांक में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई, जबकि Nifty Financial Services, Nifty Auto और Realty सूचकांक 2 प्रतिशत से ज्यादा नीचे रहे। प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भी तेज गिरावट देखने को मिली। एचडीएफसी बैंक, श्रीराम फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी लाइफ और इंडिगो के शेयर सुबह के कारोबार में 4 प्रतिशत तक टूट गए।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल बना मुख्य कारण
इस गिरावट का मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी रहा। ब्रेंट क्रूड का भाव लगभग 5 प्रतिशत बढ़कर 112.83 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जो इसके उच्चतम स्तर के करीब है। वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 100.02 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता दिखा। विशेषज्ञों के अनुसार, Nifty के लिए तत्काल समर्थन 23,250 से 23,150 के स्तर पर देखा जा रहा है, जबकि 23,900 से 23,950 के बीच प्रतिरोध मौजूद है। संकेतक आरएसआई 37.04 पर है, जो यह दर्शाता है कि बाजार में गिरावट के बाद हल्की रिकवरी के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन मजबूती के लिए ऊपर के स्तर पार करना जरूरी होगा।
भूराजनैतिक तनाव ने बढ़ाई चिंता
Middle East में तनाव उस समय और बढ़ गया जब ईरान ने कतर के रास लफान गैस संयंत्र पर मिसाइल हमला किया। यह संयंत्र दुनिया के सबसे बड़े तरलीकृत प्राकृतिक गैस केंद्रों में से एक है। इसके बाद स्थिति और गंभीर हो गई जब अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त रूप से ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र और असालुयेह स्थित तेल ढांचे पर हवाई हमले किए। यह क्षेत्र ऊर्जा उत्पादन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। शुरुआती कारोबार की इस भारी गिरावट ने इस सप्ताह की अधिकांश बढ़त को खत्म कर दिया। इससे पहले सप्ताह के दौरान Sensex में 2,000 से अधिक अंकों की तेजी और Nifty में लगभग 600 अंकों की बढ़त दर्ज की गई थी।
एशियाई बाजारों में भी गिरावट
भारतीय बाजार के साथ-साथ एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली। जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 3 प्रतिशत तक नीचे रहे। आज के stock market update में स्पष्ट रूप से देखा गया कि वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का सीधा असर निवेशकों की धारणा पर पड़ा है, जिससे बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली।




