Stock market update में घरेलू शेयर बाजार पर AI से जुड़ी वैश्विक चिंताओं का गहरा असर देखने को मिला। दिनभर दबाव में कारोबार करने के बाद Sensex 990 अंक गिरकर बंद हुआ, जबकि Nifty 25,500 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। निवेशकों में अनिश्चितता का माहौल बना रहा और आईटी शेयरों में तेज बिकवाली ने बाजार की दिशा तय की। कारोबार के दौरान अधिकांश समय बाजार नकारात्मक दायरे में रहा। वैश्विक संकेत कमजोर रहने और प्रौद्योगिकी कंपनियों पर दबाव बढ़ने से निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी। आईटी सूचकांक में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई और यह 4 प्रतिशत से अधिक लुढ़क गया। इसके अलावा रियल्टी सूचकांक भी 2 प्रतिशत से अधिक नीचे बंद हुआ।
आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों जैसे टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयरों में तेज गिरावट देखी गई। इन कंपनियों पर वैश्विक AI प्रतिस्पर्धा और ऑर्डर प्रवाह को लेकर चिंताओं का असर पड़ा। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में खरीदारी भी देखने को मिली। धातु, औषधि, सार्वजनिक क्षेत्र बैंक, तेल एवं गैस और ऊर्जा क्षेत्र के सूचकांकों में 0.5 से 1 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। हिंदुस्तान यूनिलीवर, सन फार्मा, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन, एनटीपीसी और जेएसडब्ल्यू स्टील जैसे शेयर बढ़त के साथ बंद हुए और इन्होंने गिरते बाजार में कुछ सहारा देने की कोशिश की।
व्यापक बाजार भी दबाव में रहा। मझोली कंपनियों का सूचकांक और छोटी कंपनियों का सूचकांक लगभग 1 प्रतिशत तक गिर गए, जिससे स्पष्ट है कि बिकवाली केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार जब तक वैश्विक स्तर पर प्रौद्योगिकी क्षेत्र में स्थिरता नहीं आती, तब तक उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे फिलहाल सतर्क रणनीति अपनाएं और मजबूत आधार वाली कंपनियों पर ही ध्यान केंद्रित करें। आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करेंगी।

