मुंबई,
भारत के सबसे बड़े सरकारी बैंक State Bank Of India ने FY26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी करते हुए बताया कि बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ 5.6 प्रतिशत बढ़कर ₹.19,683.75 करोड़ पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा ₹.18,642.59 करोड़ था। वहीं, पूरे FY26 में बैंक का कुल लाभ बढ़कर ₹.80,032.01 करोड़ हो गया, जो FY25 में ₹.70,900.63 करोड़ था। बैंक की ओर से जारी जानकारी के अनुसार जनवरी-मार्च तिमाही में समेकित शुद्ध लाभ में 1.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बैंक का समेकित शुद्ध लाभ ₹.20,161.30 करोड़ रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह ₹.19,941.39 करोड़ था। हालांकि तिमाही आधार पर बैंक के लाभ में गिरावट देखने को मिली। दिसंबर तिमाही में बैंक का लाभ ₹.21,028.15 करोड़ था, जिसके मुकाबले अब इसमें 6.4 प्रतिशत की कमी आई है।
बैंक की ब्याज से होने वाली आय में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। शुद्ध ब्याज आय बढ़कर ₹.44,380 करोड़ पहुंच गई, जो एक वर्ष पहले की तुलना में 4.13 प्रतिशत अधिक है। हालांकि पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 1.35 प्रतिशत की हल्की गिरावट दर्ज हुई। बैंक का परिचालन लाभ भी दबाव में रहा। चौथी तिमाही में परिचालन लाभ घटकर ₹.27,704 करोड़ रह गया, जो सालाना आधार पर 11.45 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 15.7 प्रतिशत कम है।
बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार जारी रहा। सकल एनपीए घटकर ₹.73,452 करोड़ रह गया। इसके साथ सकल एनपीए अनुपात घटकर 1.49 प्रतिशत पहुंच गया, जो एक वर्ष पहले 1.82 प्रतिशत था। शुद्ध एनपीए अनुपात भी घटकर 0.39 प्रतिशत पर आ गया, जबकि पिछले वर्ष समान अवधि में यह 0.47 प्रतिशत था। बैंक का घरेलू नेट इंटरेस्ट मार्जिन घटकर 2.93 प्रतिशत रह गया। इसमें सालाना आधार पर 21 बेसिस अंक और पिछली तिमाही की तुलना में 18 बेसिस अंक की गिरावट दर्ज की गई।
Stock Market की बात करें तो बैंक के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। कारोबार के अंतिम चरण में बैंक का शेयर ₹.1,029.80 पर कारोबार करता दिखा। इसमें ₹.62.20 यानी 5.70 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। Nifty और Sensex में कमजोरी के बीच बैंकिंग शेयरों पर दबाव बना रहा।

