चारु भाटिया | जयपुर
जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (JITO) के राजस्थान ज़ोन की चेयरपर्सन सलोनी जैन का उद्देश्य प्रदेश में उद्यमिता को मजबूत करना, व्यावसायिक नेटवर्क का विस्तार करना और समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। JITO जयपुर चैप्टर की पहली महिला चेयरपर्सन के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा चुकीं सलोनी जैन नेतृत्व, सामुदायिक भागीदारी और व्यवसाय विकास का अनुभव लेकर नई भूमिका में आई हैं। उनका लक्ष्य राजस्थान में JITO का एक मजबूत और परस्पर जुड़ा हुआ नेटवर्क तैयार करना है, जहाँ विभिन्न शहरों के कारोबारी एक–दूसरे के साथ सहयोग कर सकें, महिला उद्यमियों को आगे बढ़ने के अवसर मिलें और युवा नेतृत्व को प्रोत्साहन मिले। वह पारंपरिक व्यावसायिक क्षमताओं को डिजिटल नवाचार के साथ जोड़ने की भी पक्षधर हैं। इस बातचीत में सलोनी जैन ने अपनी नेतृत्व यात्रा, राजस्थान के लिए अपनी प्राथमिकताओं, व्यवसाय में महिलाओं की बदलती भूमिका और JITO के भविष्य से जुड़े अपने दृष्टिकोण पर चर्चा की।
प्रश्न: JITO राजस्थान ज़ोन की चेयरपर्सन बनने पर आपको बधाई। यह नियुक्ति आपके लिए व्यक्तिगत और पेशेवर रूप से क्या मायने रखती है?
उत्तर: बहुत–बहुत धन्यवाद! मेरे लिए यह नियुक्ति केवल नेतृत्व का पद नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी, अवसर और सार्थक बदलाव लाने की प्रतिबद्धता है। व्यक्तिगत रूप से यह गर्व और कृतज्ञता का क्षण है। JITO जयपुर चैप्टर की पहली महिला चेयरपर्सन के रूप में काम करने के बाद राजस्थान ज़ोन की चेयरपर्सन बनना मेरी यात्रा का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है।
पेशेवर रूप से यह भूमिका मुझे लोगों को जोड़ने, उद्यमिता को मजबूत करने और राजस्थान के आर्थिक तथा सामाजिक विकास में योगदान देने के लिए एक व्यापक मंच प्रदान करती है। मेरा मानना है कि नेतृत्व का अर्थ केवल किसी पद पर आसीन होना नहीं, बल्कि दूसरों के लिए अवसर पैदा करना है।
मेरा उद्देश्य सरल, लेकिन प्रभावशाली है—“हर घर गूंजे JITO!” मैं चाहती हूँ कि राजस्थान के हर शहर, हर चैप्टर और हर सदस्य को JITO से जुड़ने की ताकत और संभावनाओं का अनुभव हो।
प्रश्न: JITO के साथ आपकी यात्रा अब तक कैसी रही है? किन अनुभवों ने आपको इस नेतृत्व की भूमिका के लिए तैयार किया?
उत्तर: JITO के साथ मेरी यात्रा सीखने, बदलाव और व्यक्तिगत विकास का अनुभव रही है। JITO जयपुर लेडीज़ विंग की वाइस चेयरपर्सन से लेकर JITO Connect 2023 की को–कन्वीनर और फिर JITO जयपुर चैप्टर की पहली महिला चेयरपर्सन बनने तक, हर जिम्मेदारी ने मेरे नेतृत्व के दृष्टिकोण को विकसित किया है।
JITO Connect जैसे बड़े आयोजन ने मुझे दृष्टि, टीमवर्क और योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने का महत्व सिखाया। जयपुर चैप्टर का नेतृत्व करते हुए मेरा विश्वास और मजबूत हुआ कि सामूहिक प्रयासों से असाधारण परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। हमारे कार्यकाल के दौरान 370 से अधिक गतिविधियों और पहलों का आयोजन किया गया। सदस्यों की भागीदारी मजबूत हुई और चैप्टर को ज़ोनल तथा राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
हालाँकि, उपलब्धियों से भी बड़ी सीख यह रही कि नेतृत्व का वास्तविक अर्थ टीम बनाना, लोगों को सशक्त करना और ऐसी विरासत तैयार करना है जो कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी आगे बढ़ती रहे। अब मैं इन्हीं अनुभवों के आधार पर राजस्थान के विभिन्न चैप्टरों को एक साझा उद्देश्य के तहत जोड़ना चाहती हूँ।
प्रश्न: अपने कार्यकाल के दौरान JITO के लिए आपका दृष्टिकोण क्या है और आपकी प्रमुख प्राथमिकताएँ क्या होंगी?
उत्तर: मेरा दृष्टिकोण है—एक राजस्थान, एक मजबूत JITO नेटवर्क। ऐसा नेटवर्क, जहाँ हर चैप्टर सशक्त हो, हर सदस्य आपस में जुड़ा हो और प्रत्येक शहर सामूहिक विकास में योगदान दे।
अगले दो वर्षों के लिए मेरी प्रमुख प्राथमिकताएँ हैं:
- विस्तार और बुनियादी ढाँचा: राजस्थान में पाँच नए चैप्टर स्थापित करना, मौजूदा चैप्टरों को मजबूत बनाना और प्रदेशभर में JITO के समर्पित कार्यालयों की दिशा में काम करना।
- व्यापार और उद्यमिता: JITO राजस्थान बिजनेस एक्सचेंज शुरू करना, ताकि विभिन्न शहरों के बीच व्यापार, व्यावसायिक संपर्क, रेफरल और साझेदारी के अवसर बढ़ सकें।
- डिजिटल बदलाव: एक ऐसा डिजिटल नेटवर्क विकसित करना, जो प्रदेश के सदस्यों, कारोबारों, पेशेवरों और व्यावसायिक अवसरों को एक मंच पर जोड़े।
- नेतृत्व विकास: भविष्य के नेतृत्व को तैयार करने के लिए JITO लीडरशिप अकादमी की शुरुआत करना।
- सामाजिक प्रभाव: JITO आत्मनिर्भर पहलों के माध्यम से कौशल विकास, आजीविका और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करना।
- प्रदेशव्यापी एकीकरण: विभिन्न शहरों में बैठकें, राजस्थान ज़ोन कॉन्क्लेव और जयपुर में बड़े स्तर पर व्यापार मेले का आयोजन करना।
मेरा लक्ष्य अलग–अलग चैप्टरों की उपलब्धियों को सामूहिक ताकत में बदलना, नेटवर्किंग को व्यावसायिक विकास से जोड़ना और गतिविधियों को मापने योग्य परिणामों तक पहुँचाना है। हम साथ जुड़ेंगे, साथ बढ़ेंगे और साथ नेतृत्व करेंगे।
प्रश्न: JITO का उद्देश्य क्या है और यह कारोबारियों, पेशेवरों, उद्योगपतियों तथा नए उद्यमियों के बीच मजबूत संबंध बनाने में कैसे मदद करता है?
उत्तर: JITO केवल एक सामुदायिक संगठन नहीं है। यह उद्यमिता, पेशेवर उत्कृष्टता, आर्थिक सशक्तीकरण और सामाजिक जिम्मेदारी का एक व्यापक मंच है। इसकी सबसे बड़ी ताकत स्थापित उद्योगपतियों, कारोबारियों, पेशेवरों और युवा उद्यमियों को एक साथ लाना है।
व्यावसायिक नेटवर्किंग, मार्गदर्शन, ज्ञान के आदान–प्रदान, व्यापार प्रदर्शनियों और सहयोग के अवसरों के माध्यम से JITO सदस्यों को एक–दूसरे से सीखने और आगे बढ़ने का अवसर देता है।
मेरा मानना है कि नेटवर्किंग का वास्तविक मूल्य इस बात से नहीं मापा जाना चाहिए कि हम कितने लोगों को जानते हैं, बल्कि इससे कि हम मिलकर कितने अवसर पैदा कर सकते हैं। मेरी प्राथमिकता संपर्कों को सहयोग में और सहयोग को ठोस व्यावसायिक विकास में बदलने की होगी।
प्रश्न: व्यवसाय और सामुदायिक संगठनों में नेतृत्व की भूमिकाओं तक पहुँचने में महिलाओं को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है? इनका समाधान कैसे संभव है?
उत्तर: आज महिलाएँ अनेक बाधाओं को पार कर रही हैं, लेकिन चुनौतियाँ अब भी मौजूद हैं। सामाजिक अपेक्षाएँ, अनजाने में होने वाला पक्षपात, पेशेवर नेटवर्क तक सीमित पहुँच और व्यक्तिगत तथा व्यावसायिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना इनमें प्रमुख हैं। कई बार चुनौती योग्यता की नहीं, बल्कि अवसर और पहचान की होती है।
अपने नेतृत्व अनुभव के आधार पर मैं मानती हूँ कि महिलाओं को विशेष सुविधाओं की नहीं, बल्कि समान अवसरों, प्रोत्साहन और ऐसे मंचों की जरूरत है जहाँ उनकी क्षमताओं को पहचाना जाए। इसके लिए मार्गदर्शन नेटवर्क बनाने, वित्तीय और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने, निर्णय लेने वाली भूमिकाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने और सहयोगपूर्ण वातावरण विकसित करने की आवश्यकता है।
परिवार, संस्थानों और समाज का समर्थन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। नेतृत्व की भूमिका में आने वाली महिला केवल अपनी यात्रा नहीं बदलती, बल्कि अगली पीढ़ी के लिए संभावनाओं के नए रास्ते भी खोलती है।
प्रश्न: क्या JITO में युवाओं के लिए कोई अलग विंग है? यदि हाँ, तो वह किन उद्देश्यों पर काम करता है?
उत्तर: हाँ, JITO में समर्पित यूथ विंग है, जो अगली पीढ़ी के नेताओं और उद्यमियों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह युवा सदस्यों को नेटवर्किंग, नेतृत्व विकास, उद्यमिता, कौशल संवर्धन और सामुदायिक गतिविधियों में भागीदारी के अवसर प्रदान करता है।
यह युवाओं को स्वतंत्र रूप से सोचने, नए विचारों पर काम करने और अनुभवी कारोबारियों तथा पेशेवरों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करता है।
मैं यूथ विंग, स्थापित उद्यमियों और पेशेवर नेटवर्क के बीच अधिक मजबूत सहयोग की व्यापक संभावनाएँ देखती हूँ। हमारा उद्देश्य युवाओं को केवल प्रेरित करना नहीं, बल्कि उन्हें मार्गदर्शन, अनुभव और व्यावहारिक अवसर उपलब्ध कराना भी होना चाहिए।
युवा केवल JITO का भविष्य नहीं हैं, बल्कि उसकी वर्तमान ताकत और प्रगति का भी महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
प्रश्न: महिला–नेतृत्व वाले व्यवसायों के लिए JITO का दीर्घकालिक दृष्टिकोण क्या है?
उत्तर: मेरा दीर्घकालिक दृष्टिकोण ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना है, जहाँ महिला उद्यमियों को टिकाऊ व्यवसाय बनाने के लिए सही संपर्क, संसाधन, मार्गदर्शन और बाजार उपलब्ध हों। हमारा उद्देश्य केवल महिलाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करना नहीं, बल्कि उनके व्यवसायों को वास्तविक रूप से आगे बढ़ने में सक्षम बनाना होना चाहिए।
JITO लेडीज़ विंग, व्यावसायिक नेटवर्क, कौशल विकास पहलों और डिजिटल मंचों के माध्यम से महिलाओं को छोटे उद्यमों से संगठित और विस्तार योग्य व्यवसायों की ओर बढ़ने में मदद की जा सकती है।
मैं विशेष रूप से मजबूत खरीदार–विक्रेता नेटवर्क, सफल उद्यमियों से मार्गदर्शन, वित्तीय जागरूकता और विभिन्न चैप्टरों के बीच व्यावसायिक सहयोग को बढ़ावा देना चाहती हूँ।
हमारा व्यापक लक्ष्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहाँ महिला–नेतृत्व वाले उद्यम रोजगार, नवाचार और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दें। हमारा उद्देश्य केवल अधिक महिला उद्यमी तैयार करना नहीं, बल्कि अधिक सफल, स्वतंत्र और प्रभावशाली महिला कारोबारी नेता बनाना होना चाहिए।
प्रश्न: सफल व्यवसाय बनाना चाहने वाले युवा उद्यमियों को आप क्या संदेश देना चाहेंगी?
उत्तर: युवा उद्यमियों के लिए मेरा संदेश सरल है—बड़े सपने देखें, साहस के साथ शुरुआत करें, निरंतरता बनाए रखें और सीखना कभी बंद न करें।
उद्यमिता केवल एक अच्छा विचार रखने तक सीमित नहीं है। इसके लिए अनुशासन, धैर्य, परिस्थितियों के अनुसार बदलने की क्षमता और चुनौतियों के बावजूद आगे बढ़ते रहने का संकल्प जरूरी है। अच्छे संबंध बनाएँ, सही मार्गदर्शक खोजें, तकनीक अपनाएँ और नैतिकता तथा विश्वसनीयता से कभी समझौता न करें।
सफलता को केवल इस आधार पर न मापें कि आपका व्यवसाय कितनी तेजी से बढ़ रहा है। यह भी देखें कि आप कितना मूल्य पैदा कर रहे हैं, कितना विश्वास अर्जित कर रहे हैं और समाज पर कैसा प्रभाव छोड़ रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कोई भी बड़ी सफलता अकेले हासिल नहीं होती।
केवल एक सफल व्यवसाय बनाने का लक्ष्य न रखें। ऐसा उद्यम बनाने का प्रयास करें, जो दूसरों के लिए अवसर पैदा करे, लोगों को प्रेरित करे और एक सकारात्मक विरासत छोड़े। भविष्य उन्हीं का है, जो उसे बनाने का साहस रखते हैं।
मेरा दृष्टिकोण केवल JITO राजस्थान का विस्तार करना नहीं, बल्कि उसे अधिक मजबूत, अधिक जुड़ा हुआ और अधिक प्रभावशाली बनाना है। मैं ऐसा राजस्थान देखना चाहती हूँ, जहाँ हर चैप्टर आगे बढ़े, हर उद्यमी को अवसर मिले, हर युवा नेता को सही दिशा मिले और हर सदस्य को JITO का हिस्सा होने पर गर्व महसूस हो।
हर घर गूंजे JITO!

