जयपुर। रैमिंग मास के उत्पादन में कार्यरत देश की सबसे प्रमुख कंपनी राघव प्रोडक्टिविटी एन्हांसर्स लिमिटेड ने 31 दिसंबर 2024 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही के वित्तीय परिणाम प्रस्तुत किए हैं। उक्त अवधि में कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन शानदार रहा है।
कंपनी का वित्तीय परिणाम: 31 दिसंबर 2024 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 31.78 करोड़ रुपए के मुकाबले 74.10 फीसदी अधिक 55.33 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है। 31 दिसंबर 2024 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 5.97 करोड़ रुपए के मुकाबले 64.32 फीसदी अधिक 9.81 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है।
31 दिसंबर 2024 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 की नौमाही में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 94.45 करोड़ रुपए के मुकाबले 58.68 फीसदी अधिक 149.88 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है। 31 दिसंबर 2024 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 की नौमाही में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 18.05 करोड़ रुपए के मुकाबले 48.69 फीसदी अधिक 26.84 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है।
यह करती है कंपनी: Raghav Productivity Enhancers Limited (‘आरपीईएल’ जिसे पहले राघव रैमिंग मास लिमिटेड के नाम से जाना जाता था) सिलिका रैमिंग मास का दुनिया का सबसे बड़ा निर्माता है और भारत में रैमिंग मास का एकमात्र सूचीबद्ध और संगठित निर्माता है। इन वर्षों में, कंपनी ने असंगठित और खंडित बाजार में सबसे बड़े निर्यातक और रैमिंग मास के एकमात्र अखिल भारतीय आपूर्तिकर्ता के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। आरपीईएल 35 से अधिक देशों में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने उत्पादों की आपूर्ति करता है, कई प्रतिष्ठित इस्पात निर्माताओं और फाउंड्रीज़ को सेवा प्रदान करती है।

