बिजनेस रेमेडीज़/नई दिल्ली। प्राइम इंटरनेशनल रेजिडेंशियल इंडेक्स में भारत का दबदबा बढ़ गया है। इस इंडेक्स के 100 शहरों में तीन भारतीय शहर भी शामिल हैं। इसके साथ ही इन शहरों की रैंकिंग में बड़ा उछाल देखने को मिला है। नाइट फ्रैंक की प्रमुख रिपोर्ट ‘द वेल्थ रिपोर्ट 2025’ से पता चला है कि प्राइम इंटरनेशनल रेजिडेंशियल इंडेक्स (क्कढ्ढक्रढ्ढ-100) का मूल्य 2024 में 3.6 फीसदी बढ़ा है। ट्रैक किए गए 100 लग्जरी रेजिडेंशियल मार्केट में से 80 ने सकारात्मक या समान वार्षिक मूल्य वृद्धि दर्ज की।
नाइट फ्रैंक की ‘द वेल्थ रिपोर्ट 2025’ के अनुसार प्राइम इंटरनेशनल रेजिडेंशियल इंडेक्स के 100 शहरों की रैंकिंग में दक्षिण कोरिया का सियोल शहर सबसे आगे है। इस शहर में सालाना आधार पर संपत्ति की कीमत में सबसे अधिक 18.4 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई है। 2023 में पहले पायदान पर रहने वाला मनीला शहर 2024 में दूसरे नंबर पर खिसक गया है। इस शहर में कीमतों में 17.9 फीसदी का इजाफा हुआ है। दुबई, रियाद और टोक्यो शीर्ष 5 शहरों में शामिल रहे। मध्य पूर्व (7.2त्न), लैटिन अमेरिका और कैरिबियन में (6.3त्न) मजबूत वार्षिक वृद्धि देखी गई, जबकि यूरोप में उच्च ब्याज दरों, धीमी अर्थव्यवस्था और कमजोर उपभोक्ता विश्वास ने गतिविधियों को धीमा कर दिया और यहां महज 2.5 फीसदी फीसदी वृद्धि दर्ज की गई।
प्राइम इंटरनेशनल रेजिडेंशियल इंडेक्स में भारतीय शहरों की धमक बढ़ी है। इस इंडेक्स के 100 शहरों में भारत के दिल्ली, बेंगलूरु और मुंबई शहर शामिल रहे। 2024 में इन भारतीय शहरों की रैंकिंग में उछाल देखने को मिला है। इस इंडेक्स में भारतीय शहरों में दिल्ली लग्जरी रेजिडेंशियल कीमतों में 6.7 फीसदी सालाना वृद्धि के साथ 18 वें स्थान पर रहा। इसकी रैंकिंग में बड़ा उछाल देखने को मिला, क्योंकि यह 2023 में 37 वें स्थान पर था, जो अब बड़ी छलांग के साथ 18 वें स्थान पर आ गया। दिल्ली के साथ ही बेंगलूरु बड़ी छलांग लगाकर 59 वें स्थान से उछलकर 40 वें स्थान पर आ गया। हालांकि इस दौरान मुंबई 13 वें स्थान से फिसलकर 21वें स्थान पर चला गया।
नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा कि दिल्ली और बेंगलूरु ने वैश्विक लक्जरी रेजिडेंशियल मार्केट में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। दोनों ने 2024 के लिए नाइट फ्रैंक के क्कढ्ढक्रढ्ढ-100 में क्रमश: 18वें और 40वें स्थान को सुरक्षित करने के लिए 19 रैंक की छलांग लगाई है। यह उच्च-स्तरीय रियल एस्टेट सेगमेंट में इन शहरों की बढ़ती अपील को रेखांकित करती है। जिसे बुनियादी ढांचे के विस्तार, आर्थिक विकास और लक्जरी संपत्तियों की बढ़ती मांग का समर्थन प्राप्त है। हालांकि मुंबई की रैंकिंग में गिरावट देखी गई है।

