नई दिल्ली,
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2020 में शुरू की गई पीएम स्वनिधि योजना देशभर के रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को सशक्त बनाने और शहरी गरीबों की आजीविका को मजबूत करने वाली एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभरी है। योजना के प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराना नहीं था, बल्कि उन्हें सम्मान, आत्मविश्वास, आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक पहचान प्रदान करते हुए जीवन में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना भी था।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं की मेहनत, संघर्ष और देश की अर्थव्यवस्था में उनके योगदान को पहचानते हुए वर्ष 2020 में पीएम स्वनिधि योजना की शुरुआत की थी। इस योजना का उद्देश्य शहरी गरीबों को सशक्त बनाना और उनकी आजीविका को मजबूत करना था। मनोहर लाल ने बताया कि पिछले छह वर्षों के दौरान देशभर में 75.5 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी विक्रेता पीएम स्वनिधि योजना से लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक योजना के तहत 1.12 करोड़ से अधिक बिना गारंटी वाले ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि लाभार्थियों को ₹.17,800 करोड़ से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि इस योजना ने लाखों रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को पहली बार औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके माध्यम से वे औपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बने हैं, जिससे वित्तीय समावेशन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला है। पूर्वोत्तर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि वहां रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को 2.59 लाख से अधिक ऋण वितरित किए जा चुके हैं। इसके तहत ₹.430 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। त्रिपुरा के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 9,300 से अधिक ऋण स्वीकृत किए गए हैं, जबकि लाभार्थियों को लगभग ₹.15 करोड़ की राशि वितरित की जा चुकी है।
मंत्री ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से लाखों लोग पहली बार बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े हैं और औपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बने हैं। इससे वित्तीय समावेशन को मजबूती मिली है तथा आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सहायता प्राप्त हुई है। उल्लेखनीय है कि पीएम स्वनिधि योजना की शुरुआत वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी से प्रभावित रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को सस्ती कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने के लिए की गई थी। इस योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में संचालित छोटे व्यवसायों को आर्थिक सहायता प्रदान करना और उनकी आजीविका को स्थिर बनाए रखना है। आज यह योजना देश के लाखों छोटे व्यापारियों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण और सम्मानजनक जीवन का आधार बन चुकी है।

