Monday, October 12, 2026 |
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“महिला उद्यमिता के अगले चरण में स्वामित्व और निर्णय लेने की भूमिका अहम होगी”: नीलम मित्तल

by Business Remedies
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चारु भाटिया | जयपुर

नीलम मित्तल ने उद्यमिता, प्रोफेशनल नेटवर्किंग, नेतृत्व और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी अपनी बहुआयामी यात्रा के जरिए एक अलग पहचान बनाई है। जयपुर में FORTI राजस्थान वुमेन विंग की प्रमुख आवाज के रूप में वह महिलाओं को उद्यमिता और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने पर काम कर रही हैं। CMA की मैनेजिंग डायरेक्टर और BNI की एरिया डायरेक्टर के तौर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों के उद्यमियों और प्रोफेशनल्स के साथ काम किया है। उनकी यात्रा की शुरुआत आर्किटेक्चर और हॉस्पिटैलिटी की पढ़ाई से हुई, जिसके बाद उन्होंने बिजनेस, नेतृत्व, नेटवर्किंग और सामाजिक कार्यों के क्षेत्र में अपनी भूमिका का विस्तार किया। आज उनका विशेष फोकस महिलाओं में वित्तीय साक्षरता बढ़ाने, पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर नए व्यवसायों में उनकी भागीदारी बढ़ाने और उन्हें स्वामित्व व निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक सक्रिय बनाने पर है। चारु भाटिया से बातचीत में नीलम मित्तल ने अपने सफर, राजस्थान में महिला उद्यमियों के सामने आने वाली चुनौतियों, तकनीक और वित्तीय साक्षरता की भूमिका, महिलाओं के लिए उभरते अवसरों और FORTI वुमेन विंग के विजन पर विस्तार से बात की।

प्रश्न: आप जयपुर में FORTI वुमेन विंग का प्रमुख चेहरा हैं। इसके अलावा आप CMA की मैनेजिंग डायरेक्टर और BNI की एरिया डायरेक्टर भी हैं। आपने एक समृद्ध करियर बनाया है। अब तक की अपनी यात्रा के बारे में बताइए।

उत्तर: अगर मैं अपने बचपन और स्कूल के दिनों को याद करूं तो मैं पढ़ाई में हमेशा अच्छी रही और साथ ही एक्स्ट्रा करिकुलर गतिविधियों में भी सक्रिय रही। मैं कथक डांसर रही हूं और स्कूल में डिबेट प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लेती थी। पढ़ाई में अच्छे प्रदर्शन के कारण आसपास के लोग हमेशा मुझे साइंस लेने की सलाह देते थे, लेकिन मैं काफी संवेदनशील थी और खून नहीं देख पाती थी। इसलिए मैंने आर्किटेक्चर को चुना।

मैं बिजनेस बैकग्राउंड वाले परिवार से आती हूं और मेरी परवरिश काफी स्वतंत्र और अलग तरीके से हुई। मैंने आर्किटेक्चर और हॉस्पिटैलिटी में पोस्ट ग्रेजुएशन किया और बाद में एक शिक्षित परिवार में मेरा विवाह हुआ। जीवन में कई चीजें हासिल करने और अपनी पसंद के अनुसार आगे बढ़ने के बावजूद मुझे कहीं न कहीं लगता था कि कुछ कमी है।

मेरी जिंदगी में बड़ा बदलाव मेरी दूसरी बेटी के जन्म के बाद आया। उस समय मुझे जीवन में एक अलग तरह की खुशी, स्थिरता और भावनात्मक संतुष्टि महसूस हुई। इसके बाद मैं BNI से जुड़ी। यह एक ऐसा संगठन है जो वर्कशॉप, ट्रेनिंग सेशन और मीटिंग्स आयोजित करता है तथा अलग–अलग क्षेत्रों के लोगों को एक मंच पर लाता है। इससे मुझे विभिन्न लोगों से मिलने और व्यावहारिक ज्ञान हासिल करने का अवसर मिला। बाद में मुझे BNI की एरिया डायरेक्टर के रूप में चुना गया।

मैं हमेशा मानती हूं कि जीवन में कुछ भी स्थायी नहीं है और हर व्यक्ति को अपने सपनों को पूरा करने का प्रयास करना चाहिए। मैं खुद को एक ऑब्जर्वेंट और बेहद संवेदनशील व सहानुभूतिशील व्यक्ति मानती हूं। समय के साथ मेरी रुचि ज्योतिष और फेस रीडिंग में भी विकसित हुई। मैंने इन क्षेत्रों का अध्ययन किया और इसमें पीएचडी भी की। अपनी शुरुआती पढ़ाई के दौरान मैंने कानून की शिक्षा भी ली थी।

मेरी प्रोफेशनल यात्रा के दौरान मुझे देश के कई बड़े उद्यमियों और बिजनेस लीडर्स से मिलने का अवसर मिला, जिनमें रतन टाटा, आईसी अग्रवाल और वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल जैसे नाम शामिल हैं। जब मैं आर्थिक रूप से एक संतोषजनक मुकाम पर पहुंची, तब मुझे लगा कि समाज को वापस कुछ देना भी जरूरी है।

इसी सोच के साथ मैं FORTI राजस्थान वुमेन विंग से जुड़ी और एरिया डायरेक्टर की जिम्मेदारी संभाली। मैंने महसूस किया कि आज भी कई महिलाएं आर्थिक स्वतंत्रता के लिए संघर्ष कर रही हैं। वे प्रतिभाशाली और कुशल हैं, लेकिन उनके पास अपनी व्यक्तिगत आय नहीं होती या वे अपनी कमाई से जुड़े फैसले खुद लेने के लिए पर्याप्त रूप से वित्तीय रूप से जागरूक नहीं होतीं।

कोरोना महामारी के दौरान मुझे फ्रंटलाइन वॉरियर के तौर पर काम करने और बड़ी संख्या में लोगों तक वैक्सीनेशन की सुविधा पहुंचाने का अवसर भी मिला। पर्यावरण संरक्षण भी मेरे लिए महत्वपूर्ण विषय है। पेड़ लगाने और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों से मैं जुड़ी रही हूं और अब तक हम एक लाख से अधिक पेड़ लगा चुके हैं।

प्रश्न: FORTI वुमेन विंग समाज के लिए वास्तव में क्या काम करता है?

उत्तर: FORTI वुमेन विंग उन महिलाओं के लिए एक मंच है जो अपनी स्किल और प्रतिभा को विकसित करना चाहती हैं और बिजनेस, स्टार्टअप, इंडस्ट्री तथा अन्य प्रोफेशनल क्षेत्रों में आगे बढ़ना चाहती हैं।

हम टॉक शो, वर्कशॉप और नॉलेज सेशन आयोजित करते हैं, जिनमें स्वतंत्रता, गरिमा, स्किल डेवलपमेंट, मानसिक स्वास्थ्य, महिलाओं के अधिकार और वित्तीय स्वतंत्रता जैसे विषयों पर चर्चा होती है। हमारा मंच महिलाओं के जीवन से जुड़े वित्तीय, प्रोफेशनल, स्वास्थ्य और सामाजिक पहलुओं पर भी काम करता है।

हमारा उद्देश्य केवल महिलाओं को बिजनेस शुरू करने के लिए प्रेरित करना नहीं है, बल्कि उन्हें जागरूक, आत्मविश्वासी और अपने जीवन से जुड़े फैसले लेने में सक्षम बनाना भी है।

प्रश्न: राजस्थान में महिला उद्यमियों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियां क्या हैं?

उत्तर: सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक यह है कि भारत अभी भी काफी हद तक पुरुष–प्रधान सामाजिक व्यवस्था वाला देश है। बहुत सी महिलाओं में प्रतिभा और क्षमता है, लेकिन उन्हें समान अवसर नहीं मिल पाते।

महिलाएं अपने परिवार से भावनात्मक रूप से भी काफी जुड़ी होती हैं। उनके लिए परिवार प्राथमिकता रहता है और ऐसे में पारिवारिक जिम्मेदारियों और प्रोफेशनल महत्वाकांक्षाओं के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

स्वास्थ्य भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। महिलाओं के जीवन में कई तरह के शारीरिक और हार्मोनल बदलाव आते हैं, जो उनकी ऊर्जा, कार्यक्षमता और दिनचर्या को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए महिलाओं को ऐसे सपोर्ट सिस्टम की जरूरत है, जो उनकी व्यक्तिगत और प्रोफेशनल दोनों जिम्मेदारियों को समझे।

प्रश्न: महिलाएं तकनीक का इस्तेमाल कर बड़े बाजार और दर्शकों तक कैसे पहुंच सकती हैं?

उत्तर: तकनीक महिलाओं के लिए बहुत बड़े अवसर लेकर आई है। वे क्लाउड प्लेटफॉर्म, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल मार्केटिंग जैसे माध्यमों का इस्तेमाल अपनी स्किल और बिजनेस को बेहतर तरीके से प्रमोट करने के लिए कर सकती हैं।

अगर कोई महिला पारिवारिक जिम्मेदारियों या किसी अन्य कारण से घर से बाहर नहीं निकल सकती, तो तकनीक उसके लिए अर्थव्यवस्था में भागीदारी का एक वैकल्पिक रास्ता बन सकती है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए वह ग्राहकों तक पहुंच सकती है, अपना ब्रांड बना सकती है और घर से भी बिजनेस संचालित कर सकती है।

हालांकि यहां भी जानकारी की कमी एक चुनौती है। महिलाओं को उपलब्ध डिजिटल प्लेटफॉर्म और तकनीकों के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है। इसलिए महिलाओं को करियर और बिजनेस निर्माण में तकनीक की भूमिका के बारे में शिक्षित करना जरूरी है।

प्रश्न: राजस्थान में महिला उद्यमियों के लिए कौन से क्षेत्र नए अवसर प्रदान कर सकते हैं?

उत्तर: राजस्थान में महिलाओं के लिए कई ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें अभी काफी संभावनाएं मौजूद हैं। एक्सपोर्ट–इंपोर्ट ऐसा ही एक क्षेत्र है। कई महिलाएं इसे जटिल मानकर इससे दूर रहती हैं क्योंकि इसमें डॉक्यूमेंटेशन, रेगुलेटरी प्रक्रियाएं और अलग–अलग करेंसी से जुड़े पहलू होते हैं। हालांकि अब महिलाएं धीरे–धीरे इन बाधाओं को पार कर रही हैं।

जयपुर में जेम्स एंड ज्वेलरी और हैंडीक्राफ्ट भी महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। पिछले दो वर्षों में मैंने महिलाओं के बीच सिल्वर ज्वेलरी के कारोबार को लेकर बढ़ती रुचि देखी है।

FMCG और ग्रॉसरी जैसे क्षेत्रों में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ सकती है। हालांकि इसके लिए वित्तीय समझ, स्वामित्व और निर्णय लेने की क्षमता जरूरी है।

महिलाएं उन क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं जहां बौद्धिक क्षमता की जरूरत होती है। अब उन्हें ऐसे क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने की जरूरत है जहां स्वामित्व, पूंजी प्रबंधन और निर्णय लेने की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

प्रश्न: एक सफल महिला उद्यमी बनने के लिए किन स्किल्स को आप जरूरी मानती हैं?

उत्तर: एक उद्यमी के पास व्यावहारिक और मैनेजमेंट से जुड़ी दोनों तरह की स्किल्स होनी चाहिए। लेबर मैनेजमेंट, फाइनेंशियल मैनेजमेंट और टाइम मैनेजमेंट बेहद महत्वपूर्ण हैं।

इसके अलावा, उद्यमी को अपने उद्योग और बिजनेस मॉडल की पर्याप्त जानकारी होनी चाहिए। निर्णय लेने की क्षमता, संवाद कौशल और लगातार सीखने की आदत भी जरूरी है।

महिलाओं के लिए वित्तीय ज्ञान विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे वे बिजनेस के स्वामित्व और निर्णय लेने में अधिक आत्मविश्वास के साथ भाग ले सकती हैं।

प्रश्न: महिलाओं को लेकर FORTI का दीर्घकालिक विजन क्या है?

उत्तर: FORTI का दीर्घकालिक विजन इंडस्ट्री में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और उन्हें स्वामित्व तथा निर्णय लेने वाले पदों पर अधिक अवसर उपलब्ध कराना है।

इसके साथ ही महिलाओं के सशक्तिकरण, वित्तीय साक्षरता और वित्तीय स्वतंत्रता से जुड़े वर्कशॉप और नॉलेज सेशन लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। महिलाओं के मेडिकल और हेल्थ से जुड़े मुद्दों पर भी सेशन आयोजित किए जाते हैं।

हम चाहते हैं कि महिलाएं उन व्यवसायों में भी आगे आएं जिन्हें परंपरागत रूप से महिलाओं के लिए सामान्य नहीं माना जाता था, जैसे एक्सपोर्ट–इंपोर्ट और अन्य औद्योगिक व व्यावसायिक क्षेत्र।

हमारा उद्देश्य ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना है जहां महिलाओं के पास ज्ञान, आत्मविश्वास और अवसरों तक पहुंच हो।

प्रश्न: उभरती महिला उद्यमियों के लिए आपका क्या संदेश है?

उत्तर: मेरा संदेश यही है कि अगर आप अपने सपनों को पूरा करना चाहती हैं तो आपको अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलना होगा।

महिला के लिए मजबूत इच्छाशक्ति और खुद निर्णय लेने की क्षमता बेहद जरूरी है। उसे सीखने, नए अनुभव लेने और लगातार अपनी स्किल्स को अपग्रेड करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

यह समझना भी जरूरी है कि लेगेसी और उद्यमिता में अंतर है। विरासत में मिला व्यवसाय आपको एक आधार दे सकता है, लेकिन उद्यमिता अपनी सोच, जिम्मेदारी और विजन के साथ कुछ नया बनाने की प्रक्रिया है।

इसके साथ ही महिलाओं को अपने निजी जीवन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। वर्क–लाइफ बैलेंस बनाए रखना जरूरी है। सफलता ऐसी नहीं होनी चाहिए जिसकी कीमत स्वास्थ्य, परिवार या भावनात्मक संतुलन के रूप में चुकानी पड़े।

 



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