बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। खोज की कोई इन्तेहा नहीं और अंत की खोज सोच से परे है। मौजूदा दौर में हर क्षेत्र में हो रहे तेजी से बदलाव ने मानो इंसानी जिन्दगी में कई
बड़ी चुनौतियां खड़ी कर दी है। मसलन आज जिन्दगी जितनी सहज-सी लगती है। उतनी ही कई परतों में उलझी हुई प्रतीत होती है। दुनिया भर के वैज्ञानिकों ने जहां प्रकृति और ब्रह्मांड के कई रहस्यों को जान लिया है। वहीं अभी असंख्य रहस्यों से परदा उठना बाकी है। इसी जिद में देश-दुनिया के अनेकानेक वैज्ञानिक अहर्निश खोज दर खोज में लगे हुए हैं। रोचक तथ्य यह है कि आज इंसान खुद की खोज को किसी रहस्य से कम नहीं आंक रहा है। इसी संदर्भ को लेकर पिछले दिनों वूमन एंटरप्रेन्योर व ऑथेंटिक आउल्स की संस्थापक श्वेता चोपड़ा से बातचीत की।
क्या है Othentic Owls प्लेटफॉर्म?
वे बताती हैं कि रचनात्मक तथ्य के मद्देनजर Othentic Owls जैसे अपने सिग्रेचर टाइटल से स्टार्टअप शुरू किया है, जो तकरीबन हर उम्र के बच्चे, किशोर, युवाओ के लिए अहम प्लेटफॉर्म साबित हो रहा है। यह इंसान को मेंटल, फिजिकल और स्प्रिचुअल जैसे विभिन्न डाइमेंशन के जरिए उसके असल वजूद को तलाशने में मददगार होते हैं। श्वेता चोपड़ा ने थैडियस लॉरेंस, ब्लेयर सिंगर, टोनी रॉबिंस जैसे अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षकों से खुद को ट्रेंड किया है। हालांकि यह उनका नया उद्यम है, लेकिन वे पिछले 6 साल से मेंटरिंग स्पेस और कोचिंग में कार्य रही हैं। उन्होंने पार्ट टाइम स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ाया भी है। उनका मानना है कि इस तेज रफ्तार दुनिया में आपको सिर्फ खुद को खोजने की जरूरत है, बाकी आप गूगल पर खोज सकते हैं। संस्थापक श्वेता चोपड़ा बताया कि ऑथेंटिक आउल्स एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जो लोगों को एक सुरक्षित स्पेस, समुदाय प्रदान करता है ताकि वे खुद को खोज सकें और अभिव्यक्त कर सकें।
आप किस तरह से वर्कआउट कराती हैं?
इसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों रूपों में सत्र, कार्यक्रम और गतिविधियां आयोजित करते हैं, जहां ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पहुंच और लचीलापन सुनिश्चित करता है, वहीं ऑफलाइन प्लेटफॉर्म हाथों-हाथ अनुभव देता है। यह प्लेटफॉर्म एक परिवर्तनकारी मंच के रूप में कार्य करता है, जहां व्यक्ति आत्म-जागरूकता, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, रचनात्मक अभिव्यक्ति की रोचक जर्नी करते हैं। साथ ही व्यक्तिगत और सामाजिक सशक्तीकरण की नींव रखते हैं। इसे खेलों और गतिविधियों का उपयोग करके सत्रों को दिलचस्प बनाया जाता है ताकि सीखना अधिक प्रभावी हो। छात्रों को आत्मनिरीक्षण गतिविधियों, माइंडफुलनेस तकनीकों और संचार कौशल के माध्यम से समझाया जाता है। इससे उन्हें आत्मविश्वास बढ़ाने और अपने वास्तविक अस्तित्व का पता लगाने में मदद मिलती है। इस प्लेटफॉर्म का मकसद ईमानदार और भावनात्मक रूप से लचीला, अभिव्यंजक व्यक्तियों का निर्माण करना है, जो मजबूत परिवार बनाने के साथ-साथ एक मजबूत, खुशहाल और सामंजस्यपूर्ण राष्ट्र बना सकें।
व्यवसाय को शुरू किए कितना समय हो गया है?
यह व्यवसाय अभी दो महीने पहले ही शुरू किया है। यह व्यक्तिगत विकास और तरक्की के क्षेत्र में है। अंशकालिक रूप से शिक्षण, कोचिंग और मार्गदर्शन कर रही हूं।
अपने व्यवसाय के ग्रोथ को लेकर सरकार से कोई आपकी अपेक्षाएं हैं?
सरकार ने पहले ही स्कूलों के लिए इस तरह के विषयों को पढ़ाना अनिवार्य कर दिया है, लेकिन उच्चतर अगर नियमित शिक्षक हैं तो उन्हें अनिवार्य रूप से विशेषज्ञों को
बुलाना चाहिए ताकि हमारे जैसे व्यक्ति सेवाएं दे सकें।
आप किसे अपना आदर्श मानती हैं?
आदर्श मेरे पिता हैं, जिन्होंने मुझे समय और धन का महत्व सिखाया। अपने परिवार के अलावा मैं अपने गुरु थैडियस लॉरेंस को भी अपना आदर्श मानती हूं।
आपको वूमन एंटरप्रेन्योर के रूप में क्या कोई पुरस्कार या सम्मान मिला है?
अभी जो स्टार्टअप शुरू किया है, वह नया है। इस कारण से अभी तक कोई पुरस्कार नहीं मिला है।
भविष्य में अपने बिजनेस को आगे बढ़ाने की क्या प्लानिंग है?
समान विचारधारा वाले लोगों के साथ सहयोग करके भारत के अन्य शहरों में अपनी पहुंच बढ़ाने पर काम कर रही हूं। मैं करीब १0 साल से अधिक समय से अन्य व्यवसाय में भी हूं
पूनम चन्द्रा

