नई दिल्ली। नई दिल्ली आधारित ‘निकिता पेपर्स लिमिटेड’ क्राफ्ट पेपर निर्माण के साथ पावर जेनरेशन क्षेत्र में कार्यरत प्रमुख कंपनी है। कंपनी ने 31 मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 की दूसरी छमाही और वार्षिक वित्तीय परिणाम प्रस्तुत किए हैं। 31 मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 की दूसरी छमाही में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 184.66 करोड़ रुपए के मुकाबले 11.56 फीसदी अधिक 206.02 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है। इसी प्रकार कंपनी ने 31 मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 की दूसरी छमाही में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 12.63 करोड़ रुपए के मुकाबले 2.13 फीसदी कम 12.90 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है।
31 मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 346.78 करोड़ रुपए के मुकाबले 9.34 फीसदी अधिक 379.18 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है। इसी प्रकार कंपनी ने 31 मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी ने गत वित्त वर्ष की समान अवधि में अर्जित 20.72 करोड़ रुपए के मुकाबले 11.05 फीसदी अधिक 23.01 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। 31 मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी ने 12.67 रुपए का बेसिक ईपीएस अर्जित किया है।
कारोबारी गतिविधियां: 1989 में निगमित, निकिता पेपर्स लिमिटेड कागज और कागज उत्पादों के निर्माण में लगी हुई है। कंपनी औद्योगिक, वाणिज्यिक और मुद्रण अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त कागज ग्रेड की एक श्रृंखला का उत्पादन करने में माहिर है। कंपनी आमतौर पर पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ उत्पादन प्रक्रियाओं पर ध्यान केंद्रित करती है, अक्सर अपने निर्माण में पुनर्नवीनीकरण सामग्री को शामिल करती है। एक मजबूत वितरण नेटवर्क के साथ, निकिता पेपर्स लिमिटेड घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों बाजारों में सेवा प्रदान कर रही है और कंपनी गुणवत्ता, स्थिरता बनाए रखने का प्रयास भी गंभीरता से कर रही है।
अपने आकार और संचालन के आधार पर, निकिता पेपर्स लिमिटेड पैकेजिंग, टिशू पेपर या विशेष पेपर उत्पादों जैसे वर्टिकल में भी शामिल हो सकता है।
उत्पाद: कंपनी क्राफ्ट पेपर प्रदान करती है, जो 80-200 जीएसएम तक का एक टिकाऊ और सांस लेने योग्य पैकेजिंग समाधान है, जो रैपिंग, बैग, कुशनिंग और विभिन्न पर्यावरण-अनुकूल और रचनात्मक अनुप्रयोगों के लिए आदर्श है। कंपनी शत प्रतिशत वेस्ट पेपर इस्तेमाल में लेती है। वर्ष 2014 से कंपनी जेडएलडी का संचालन कर रही है और शत प्रतिशत वेस्ट वाटर की रीसाइक्लिंग कर रही है। कंपनी आईडीएफ और बायोमास पर आधारित 3.5 मेगावाट का पावर प्लांट संचालित कर रही है और इसके अलावा कंपनी 1.5 मेगावाट क्षमता का रूफटॉप सोलर एनर्जी प्लांट भी संचालित कर रही है। जबकि कंपनी को परिचालन के लिए 9 मेगावाट पावर की आवश्यकता रहती है। उत्तर प्रदेश के शामली में कंपनी की निर्माण का स्थापित है और इसकी निमार्ण क्षमता 1,33,000 एमटीपीए प्रतिवर्ष है। कंपनी को देश के 14 राज्यों से ग्राहक आधार मिल रहा है और कंपनी मुख्य रूप से पैकेजिंग और एफएमसीजी सेक्टर में उत्पादों की आपूर्ति कर रही है।

