नई दिल्ली। नई दिल्ली आधारित ‘अब्राम फूड लिमिटेड’ चना दाल, आटा, बेसन, मल्टी-ग्रेन आटा, मैदा, सूजी, मसाले, खली और खाद्य तेलों के विनिर्माण और व्यापार में संलग्न कंपनी है। कंपनी द्वारा मशीनरी की खरीद के लिए पूंजीगत व्यय, कंपनी की कार्यशील पूंजी आवश्यकता के वित्तपोषण और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों की पूर्ति हेतु बीएसई एसएमई प्लेटफार्म पर आईपीओ लाया जा रहा है।
कारोबारी गतिविधियां: 2009 में स्थापित, अब्राम फूड लिमिटेड चना दाल, आटा (चक्की आटा), बेसन, मल्टी-ग्रेन आटा, मैदा, सूजी, मसाले, पशु चारा (खली) और खाद्य तेलों के विनिर्माण और व्यापार में लगी हुई है। कंपनी वितरकों के एक नेटवर्क के माध्यम से राजस्थान, दिल्ली/एनसीआर और उत्तर प्रदेश में “खेरलीवाला” ब्रांड नाम से अपने उत्पादों की बिक्री करती है। कंपनी वितरकों को थोक में (30-50 किलोग्राम की पैकेजिंग में) चना दाल, आटा, बेसन, चना चूरी और पशु आहार (खल) उपलब्ध कराती है, जो उन्हें खुदरा दुकानों पर ढीली मात्रा में बेचते हैं।
कंपनी चना दाल, आटा, मसाले, बेसन और पशु आहार जैसे उत्पादों को कृत्रिम परिरक्षकों या रसायनों के बिना संसाधित करती है, जिससे खरीद से लेकर पैकेजिंग तक हर कदम पर गुणवत्ता और ताजगी सुनिश्चित होती है। कंपनी राजस्थान रॉयल बेसन, मैदा, सूजी, चक्की फ्रेश आटा और मल्टी ग्रेन आटा सहित आटे की एक श्रृंखला के साथ-साथ विभिन्न तेल और मसाले भी उपलब्ध कराती है।
कंपनी राजस्थान के अलवर में मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र, बी-34 में 3000 वर्ग मीटर में एक विनिर्माण सुविधा संचालित कर रही है, जो राजस्थान और दिल्ली/एनसीआर की सेवा के लिए कुशल सफाई, सुखाने, पीसने और पैकेजिंग के लिए सुसज्जित है।
उत्पाद पोर्टफोलियो: राजस्थान रॉयल बेसन, राजस्थान रॉयल चक्की फ्रेश आटा, राजस्थान रॉयल मैदा, राजस्थान रॉयल मिर्च पाउडर, आदि।
वित्तीय प्रदर्शन : वित्त वर्ष 2023 में कंपनी ने 33.16 करोड़ रुपए का राजस्व और 0.48 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ, वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने 36.14 करोड़ रुपए का राजस्व और 1.02 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ और वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने 64.09 करोड़ रुपए का राजस्व और 3.26 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। वित्तीय परिणामों से स्पष्ट है कि कंपनी साल दर साल अच्छे वित्तीय परिणाम प्रस्तुत कर रही है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की असेट 17.09 करोड़ रुपए, नेटवर्थ 8.43 करोड़ रुपए, रिजर्व एवं सरप्लस 4.70 करोड़ रुपए है।
प्रवर्तकों का अनुभव:
67 वर्षीय बृज भूषण कंपनी के प्रमोटर और प्रबंध निदेशक हैं। उनको एफएमसीजी उद्योग में लगभग 49 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने 1975 से 1997 तक प्रभावी सरसों तेल निर्माण साझेदारी फर्म शारदा ऑयल इंडस्ट्रीज के साथ अपना करियर शुरू किया था। इसके अलावा, उन्होंने वित्तीय वर्ष 1997 में शारदा उद्योग नाम से अपनी खुद की प्रोपराइटरशिप फर्म शुरू की थी, जो सरसों के तेल के निर्माण में लगी हुई थी। वे कंपनी के दिन-प्रतिदिन के कार्यों में सक्रिय रूप से शामिल हैं और वर्तमान में समग्र खरीद और प्रशासन की देखरेख और नियंत्रण कर रहे हैं। वे अपनी नेतृत्व भूमिका में एक नया और मूल्यवान दृष्टिकोण लाते हैं। कंपनी के क्रय विभागों के प्रमुख के रूप में, उनकी स्मार्ट निर्णय लेने की क्षमता और रणनीतिक सोच दक्षता में सुधार और विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। तेल और एफएमसीजी उद्योग में 49 वर्षों के अनुभव के साथ, वे अपने गहन ज्ञान और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता के लिए एक अत्यधिक सम्मानित अनुभवी कार्मिक हैं।
39 वर्षीय मोना सिंघल कंपनी की प्रमोटर और निदेशिका हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। इसके अलावा, उन्होंने 2008 में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान से चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का कोर्स पूरा किया। उन्होंने मई, 2008 में लोढ़ा एंड कंपनी के साथ सहायक लेखा परीक्षा प्रबंधक के रूप में अपनी पेशेवर यात्रा शुरू की, जहां उन्हें वैधानिक लेखा परीक्षा और कराधान कार्य की जिम्मेदारियां सौंपी गईं। 2011 में, वे अर्पित गुप्ता एंड एसोसिएट्स में भागीदार के रूप में शामिल हुईं, जहां उन्होंने 2024 तक चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में योगदान दिया। वे 2016 में कंपनी में शामिल हुईं, जहां उन्हें वैधानिक अनुपालन और वित्तीय लेखा परीक्षा में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। अपनी वर्तमान भूमिका में, वे कंपनी की अनुपालन गतिविधियों और संबंधित कार्योंं की देखरेख करती हैं, नियामक मानकों का पालन सुनिश्चित करती हैं और समग्र शासन ढांचे में योगदान देती हैं।
42 वर्षीय अर्पित गुप्ता कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। इसके अलावा, उन्होंने 2004 में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान से चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का कोर्स पूरा किया। उन्होंने 2004 में एन अवतार एंड कंपनी के साथ सहायक लेखा परीक्षा प्रबंधक के रूप में अपनी पेशेवर यात्रा शुरू की, जहां उनकी जिम्मेदारियां वैधानिक लेखा परीक्षा और कराधान कार्य से संबंधित थीं। 2005 में, उन्होंने अर्पित गुप्ता एंड एसोसिएट्स की स्थापना की, जो एक अभ्यासशील चार्टर्ड अकाउंटेंट्स फर्म है। वे 2023 में मुख्य वित्तीय अधिकारी के रूप में कंपनी में शामिल हुए। वित्त, लेखा और लेखा परीक्षा में 20 से अधिक वर्षों के व्यावहारिक अनुभव के साथ, वे कंपनी की वित्तीय और रणनीतिक दिशा को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और विकास एवं लाभप्रदता को बढ़ावा देने के लिए अपनी गहरी अंतर्दृष्टि का लाभ उठा रहे हैं। उत्कृष्टता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता और उनका रणनीतिक योगदान कंपनी को सफलता की नई ऊंचाइयों की ओर ले जाने में सहायक है।
आईपीओ के संबंध में जानकारी: ‘अब्राम फूड लिमिटेड’ का आईपीओ बीएसई एसएमई प्लेटफार्म पर 24 जून को खुलकर 26 जून 2025 को बंद होगा। कंपनी द्वारा 10 रुपए फेसवैल्यू के 14,28,000 शेयर 98 रुपए प्रति शेयर के भाव पर जारी कर 13.99 करोड़ रुपए जुटाए जा रहे हैं। आईपीओ का मार्केट लॉट साइज 1200 शेयरों का है। आईपीओ का प्रबंधन प्रमुख लीड मैनेजर कंपनी कॉर्पोरेट मैकर्स कैपिटल लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।

