भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुआ। कारोबार के अंतिम चरण में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, वित्तीय सेवाओं और वाहन क्षेत्र के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। इसके साथ ही वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की बेहतर होती धारणा ने भी निवेशकों का भरोसा मजबूत किया, जिससे बाजार को समर्थन मिला।
Stock Market के अनुसार, Nifty 119.10 अंक यानी 0.52 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,242.10 पर बंद हुआ। वहीं Sensex भी कारोबारी सत्र के अंतिम चरण में तेजी पकड़ने में सफल रहा और 394.50 अंक यानी 0.54 प्रतिशत चढ़कर 73,918.76 पर बंद हुआ। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यदि Nifty 23,300 के स्तर के ऊपर लगातार बना रहता है तो इसमें आगे 23,450 से 23,550 के दायरे तक सुधार देखने को मिल सकता है। यह क्षेत्र अगले महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तर के रूप में माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नीचे की ओर 23,100 का स्तर तत्काल समर्थन क्षेत्र बनकर उभरा है। हालांकि यदि Nifty 23,000 के नीचे निर्णायक रूप से फिसलता है तो मुनाफावसूली बढ़ सकती है, जिससे सूचकांक 22,800 से 22,700 के समर्थन क्षेत्र तक पहुंच सकता है। वैश्विक स्तर पर निवेशकों की धारणा उस समय बेहतर हुई जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान के साथ शांति वार्ता जारी है। यह बयान ईरान और इज़राइल के बीच संघर्ष विराम के बाद आया। भू-राजनीतिक तनाव में कमी आने से वैश्विक निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी, जिसका सकारात्मक असर भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिला।
व्यापक बाजारों में भी अच्छी खरीदारी दर्ज की गई। Nifty मिडकैप सूचकांक 1.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि Nifty स्मॉलकैप सूचकांक में 1.69 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई। इससे यह संकेत मिला कि निवेशकों की रुचि केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मध्यम और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी खरीदारी बढ़ी। दिनभर के कारोबार में इंडेक्स को ऊपर ले जाने में इंटरग्लोब एविएशन, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और आयशर मोटर्स के शेयरों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इन कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी के चलते बाजार की दिशा सकारात्मक बनी रही।
क्षेत्रवार प्रदर्शन की बात करें तो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक सबसे बड़े लाभार्थी रहे। Nifty पीएसयू बैंक सूचकांक में 3प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा Nifty रियल्टी, Nifty ऑटो और Nifty फाइनेंशियल सर्विसेज सूचकांकों में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली। ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील और चक्रीय क्षेत्रों में निवेशकों की मजबूत रुचि के कारण इन क्षेत्रों को समर्थन मिला। हालांकि सभी क्षेत्रों में तेजी नहीं रही। Nifty आईटी और Nifty मीडिया सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई और ये दिन के सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों में शामिल रहे। बाजार जानकारों के अनुसार, विभिन्न क्षेत्रों में मिले-जुले प्रदर्शन के बावजूद अंतिम चरण की खरीदारी ने प्रमुख सूचकांकों को ऊंचे स्तर पर बंद होने में मदद की। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, वित्तीय सेवाएं और वाहन क्षेत्र में मजबूत निवेश प्रवाह ने पूरे बाजार की धारणा को सकारात्मक बनाए रखा।

