Stock Market Update: भारत की कंपनियों ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में पिछले आठ तिमाहियों की तुलना में सबसे मजबूत कमाई दर्ज की है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की एक नई रिपोर्ट के अनुसार Nifty 500 में शामिल कंपनियों की कुल आय में सालाना आधार पर 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो व्यापक स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ती मांग का संकेत है।
रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय कंपनियों को अलग रखने पर कंपनियों की आय वृद्धि 23 प्रतिशत रही। वहीं यदि धातु तथा तेल और गैस क्षेत्रों को भी अलग कर दिया जाए तो भी कुल आय में 15प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कई क्षेत्रों में एक साथ सुधार हुआ है। कंपनियों की कुल बिक्री में भी तेज बढ़ोतरी देखी गई। Nifty 500 की कंपनियों की कुल बिक्री सालाना आधार पर 11 प्रतिशत बढ़ी, जो पिछले 11तिमाहियों का सबसे ऊंचा स्तर है। इस अवधि में कुल बिक्री लगभग Rs.36 लाखकरोड़ रही, जबकि ईबिट्डा लगभग Rs.8 लाखकरोड़ और समायोजित कर पश्चात लाभ लगभग Rs.4 लाखकरोड़ दर्ज किया गया।
रिपोर्ट में बताया गया कि कच्चे माल से जुड़े क्षेत्रों ने आय वृद्धि में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। तेल और गैस क्षेत्र के लाभ में 38 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि धातु क्षेत्र में 34 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सरकारी बैंकों के लाभ में 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के लाभ में 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। वाहन क्षेत्र में, ट्रैक्टर और यात्री वाहनों को छोड़कर, लाभ में 27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। त्योहारों के दौरान बढ़ी मांग और कर दरों में कमी का इसका मुख्य कारण रहा। पूंजीगत सामान बनाने वाली कंपनियों की आय में 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसे बिजली प्रसारण, रक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में सरकारी खर्च से समर्थन मिला।
सीमेंट क्षेत्र ने भी कमजोर तिमाहियों के बाद मजबूत वापसी की और लाभ में 46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। मांग में लगभग 7 प्रतिशत से 8 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी से कंपनियों के प्रदर्शन में सुधार हुआ। दूरसंचार क्षेत्र का लाभ बढ़कर लगभग Rs.3100 करोड़ के बराबर हो गया, जो पिछले स्तर से दोगुने से अधिक है। मझोली और छोटी कंपनियों का प्रदर्शन बड़ी कंपनियों से बेहतर रहा। Nifty Midcap 150 कंपनियों की आय में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि Smallcap 250 कंपनियों की आय में 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके मुकाबले Nifty 100 कंपनियों की आय 18 प्रतिशत बढ़ी।

