Sunday, June 28, 2026 |
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नौतपा में बरतें आमजन सावधानी

by Business Remedies
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पच्चीस मई से नौतपा शुरू हो गया है। दोपहर में सडक़ें वीरान नजर आने लगी है। नौतपा साल का सबसे तीखा हीटवेव पीरियड है। नौतपा का मतलब है तपने वाले नौ दिन। हिंदू कैलेंडर के अनुसार जब सूरज रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तो ये 9 दिन शुरू होते हैं। नौतपा 2 जून तक रहेगा। भारतीय लोकमान्यताओं और कृषि परंपराओं में नौतपा को मौसम और वर्षा के संकेतों से भी जोड़ा जाता है। पर इन नौ दिनों में आमजन को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि तापमान बहुत अधिक बढ़ जाता है, जिससे लू चलने की संभावना रहती है। इसलिए शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) हो सकती है। बुजुर्ग, बच्चे और बाहर काम करने वाले लोगों पर गर्मी का असर ज्यादा पड़ता है। बिजली की मांग बढऩे और पानी की कमी जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं।आमजन को दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक तेज धूप में निकलने से बचना चाहिए। पर्याप्त पानी, नींबू पानी, छाछ, ओआरएस आदि लेते रहें। हल्के रंग और सूती कपड़े पहनें। खाली पेट बाहर न निकलें। बच्चों और बुजुर्गों को गर्मी से विशेष सुरक्षा दें। घर और कार्यस्थल को हवादार रखें। यदि चक्कर, उल्टी, तेज सिरदर्द या बेहोशी जैसी समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। पुरानी मान्यता है कि अगर नौतपा में कड़ी गर्मी पड़े, आंधी-तूफान ना आए तो मानसून अच्छा होगा, खेती के लिए फायदे की बारिश होगी। अगर नौतपा में बादल, बारिश आ जाए तो मानते हैं कि मानसून कमजोर रहेगा। किसान इसी समय खेत की तैयारी करते हैं। तेज गर्मी से मिट्टी अच्छे से पकती है, बीज बोने के लिए अनुकूल होती है। वैज्ञानिक तौर पर ये समय तब होता है जब सूरज सीधे कर्क रेखा के पास होता है, इसलिए उत्तर भारत में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है। तापमान 45-48 डिग्री सेंटीग्रेट तक उत्तर भारत, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और दिल्ली में पहुंच जाता है।



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