मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिटी की अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेन फ्रेजर से मुलाकात कर भारत की आर्थिक वृद्धि, निवेश परिदृश्य और भविष्य के विकास अवसरों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तेज आर्थिक प्रगति और विकास की अपनी सोच साझा की। बैठक में भारत में निवेश और पूंजी प्रवाह बढ़ाने, भारतीय कॉर्पोरेट क्षेत्र के वैश्विक विस्तार, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। दोनों पक्षों ने इस बात पर चर्चा की कि सिटी भारत की आर्थिक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने, वैश्विक निवेशकों को भारत की ओर आकर्षित करने और विदेशी बाजारों में विस्तार कर रही भारतीय कंपनियों को सहयोग देने में किस प्रकार अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकती है।
बैठक ने यह भी दर्शाया कि वैश्विक वित्तीय संस्थानों का भारत की सुधार आधारित आर्थिक नीतियों पर भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लागू कई महत्वपूर्ण पहलों ने देश की बैंकिंग व्यवस्था को सशक्त बनाया है तथा वित्तीय समावेशन को नई गति प्रदान की है। चर्चा के दौरान हरित ऊर्जा के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। इसमें सौर ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन जैसे स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के विस्तार पर विचार किया गया। दोनों पक्षों ने माना कि ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास के लिए ऐसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाना महत्वपूर्ण होगा।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में इस तकनीक के नियामकीय पहलुओं और आर्थिक विकास को गति देने में इसके संभावित उपयोगों पर विचार किया गया। इस बात पर जोर दिया गया कि नई प्रौद्योगिकियां उत्पादकता बढ़ाने, नवाचार को प्रोत्साहन देने और दीर्घकालिक आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। जेन फ्रेजर के साथ सिटी इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के. बालासुब्रमणियन भी उपस्थित रहे। उन्होंने भारत में लगभग 125 वर्षों से सिटी की उपस्थिति पर गर्व व्यक्त किया तथा देश में हाल के वर्षों में हुई प्रगति और विस्तार की जानकारी दी। साथ ही भारत और उसके ग्राहकों के प्रति संस्था की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बैंकों में शामिल सिटी वर्तमान में मुंबई में 3 June से 5 June तक अपने भारत सम्मेलन का आयोजन कर रही है। इस कार्यक्रम में 1,500 से अधिक ग्राहक और निवेशक भाग ले रहे हैं। सम्मेलन का उद्देश्य भारत से जुड़े आर्थिक विमर्श को आगे बढ़ाना और वैश्विक पूंजी के लिए उपलब्ध निवेश अवसरों को प्रमुखता से प्रस्तुत करना है। वर्ष 2027 में सिटी भारत में अपनी 125वीं वर्षगांठ मनाएगी, जो देश के वित्तीय क्षेत्र में उसकी दीर्घकालिक उपस्थिति और योगदान का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

