नई दिल्ली : कमजोर डॉलर और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच गुरुवार को सोना और चांदी की कीमतों में मजबूती देखने को मिली। निवेशक अमेरिका और ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक प्रगति से जुड़े घटनाक्रमों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, जिसके चलते सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बढ़ी है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना वायदा सुबह 11:28 बजे तक 0.35 प्रतिशत यानी ₹.533 की बढ़त के साथ ₹.1,59,052 प्रति 10ग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया। कारोबार के दौरान सोना 0.61 प्रतिशत यानी ₹.981 तक उछलकर दिन के उच्चतम स्तर ₹.1,59,500 प्रति 10ग्राम तक पहुंच गया। वहीं, दिन का निचला स्तर ₹.1,58,701 दर्ज किया गया, जो पिछले बंद भाव से 0.11 प्रतिशत यानी ₹.182 अधिक था।
दूसरी ओर, जुलाई डिलीवरी वाली चांदी वायदा कीमत में भी मजबूती देखी गई। कारोबार के दौरान यह 0.51प्रतिशत यानी ₹.1,366 बढ़कर ₹.2,64,324 प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर तक पहुंच गई। हालांकि बाद में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली और चांदी ₹.2,62,317 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखाई दी, जो सत्र के दौरान ₹.641 अथवा 0.24 प्रतिशत की गिरावट दर्शाती है। चांदी का दिन का निचला स्तर ₹.2,62,081 रहा, जो पिछले बंद भाव से 0.33प्रतिशत यानी ₹.877 कम था।
दिन की शुरुआत में एमसीएक्स पर सोना ₹.1,59,366 प्रति 10ग्राम तथा चांदी ₹.2,63,146 प्रति किलोग्राम के स्तर पर खुली थी। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव की वजह से कीमती धातुओं को समर्थन मिल रहा है। हालांकि तेजी के रुझान को और मजबूत होने के लिए महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तरों के ऊपर स्थायी बढ़त आवश्यक होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार एमसीएक्स सोने के लिए प्रमुख प्रतिरोध स्तर ₹.1,57,300 से ₹.1,57,400 के आसपास देखा जा रहा है, जबकि चांदी के लिए यह स्तर ₹.2,66,000 से ₹.2,67,000 के दायरे में है। हाल के सैन्य घटनाक्रमों ने निवेशकों को सतर्क बनाए रखा है। अमेरिकी सेना के अनुसार ईरान द्वारा बहरीन, कुवैत और क्षेत्र के अन्य स्थानों को निशाना बनाकर दागी गई मिसाइलों को या तो बीच में ही निष्क्रिय कर दिया गया या वे अपने लक्ष्य तक पहुंचने में विफल रहीं।
इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में 1प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड लगभग 96.50 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड की कीमत लगभग 94.76 डॉलर प्रति बैरल रही। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव बना रहता है और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है, तो आने वाले दिनों में सोना और चांदी निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बने रह सकते हैं।

