बिजऩेस रेमेडीज/कोच्चि भारत की सबसे बड़ी स्वर्ण ऋण एनबीएफसी, मुथूट फाइनेंस ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2025 के मौके पर ‘डबल मिलीग्राम लॉयल्टी स्कीम’ शुरू करने की घोषणा की। गोल्ड मिलीग्राम रिवॉर्ड एक प्रमुख ग्राहक पुरस्कार कार्यक्रम है, जिसके तहत Muthot Finance के साथ किये गए हर पात्र लेन-देन पर गोल्ड मिलीग्राम रिवॉर्ड पॉइंट प्रदान किया जाएगा। मुथूट फाइनेंस की महिला ग्राहकों को 8 मार्च से सभी पात्र लेन-देन के लिए दोगुना मिलीग्राम रिवॉर्ड पॉइंट मिलेगा।
यह कार्यक्रम Muthot Finance के महिलाओं को सशक्त बनाने और परिसंपत्ति-समर्थित ऋण के जरिये वित्तीय समावेश में योगदान करने के लक्ष्य का अंग है। गोल्ड मिलीग्राम रिवॉर्ड प्रोग्राम पहली बार अगस्त 2022 में लॉन्च किया गया था। अब तक इस कार्यक्रम से 5,000 से ज़्यादा ग्राहक लाभान्वित हो चुके हैं। 8.6 मिलियन ग्राहक मिलीग्राम रिवॉर्ड प्रोग्राम का हिस्सा हैं, जिसमें 3 मिलियन महिला ग्राहक शामिल हैं। मिलीग्राम लॉयल्टी स्कीम के तहत एक गोल्ड मिलीग्राम रिवॉर्ड पॉइंट का मतलब है, 1 मिलीग्राम 24 कैरेट सोना। डबल मिलीग्राम लॉयल्टी स्कीम में, महिला ग्राहकों को हर पात्र लेन-देन के लिए दोगुना मिलीग्राम सोना मिलेगा। यह योजना न्यूनतम 50,000 रुपये के अग्रिम लेन-देन और न्यूनतम 2000 रुपये के ब्याज भुगतान के लिए लागू है।
इस योजना के तहत, कंपनी के साथ हर ग्राहक रेफरल के साथ, 40 मिलीग्राम सोना मिलेगा। ग्राहक के पास 500 मिलीग्राम पॉइंट जमा हो जाने पर इस योजना के तहत 0.5 ग्राम 24 कैरेट सोना भुनाने की सुविधा है।
Muthot Finance के प्रबंध निदेशक, जॉर्ज अलेक्जेडर मुथूट ने महिला दिवस पर पेश इस विशेष पहल के शुभारंभ के बारे में कहा कि मुथूट फाइनेंस में, हम हमेशा अपने ग्राहकों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं, ताकि नए अवसरों के साथ घरेलू स्तर पर स्थिरता और सामुदायिक कल्याण सुनिश्चित हो। हम महिलाओं के लिए समावेशी और सहयोगी वातावरण बनाना चाहते हैं और महिलाओं को आत्मनिर्भरता तथा सफलता प्राप्त करने में मदद करने के लिए संसाधन और पुरस्कार प्रदान करना चाहते हैं। महिला दिवस डबल मिलीग्राम लॉयल्टी योजना के जरिये हम उन महिलाओं के प्रति अपना आभार व्यक्त करना चाहते हैं जो अर्थव्यवस्था को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। हमें उम्मीद है कि ऋण तक उनकी पहुंच बढ़ा कर हम उनके उद्यमशीलता के सपनों, पेशेवर आकांक्षाओं और समग्र आर्थिक प्रगति में योगदान कर सकेंगे।

