Monday, July 6, 2026 |
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देश की शीर्ष 10 में से 8 कंपनियों का मार्केट कैप बढ़ा, कुल बढ़ोतरी 1.69 लाख करोड़ रुपए

by Business Remedies
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बीते हफ्ते भारतीय शेयर बाजार ने निवेशकों को राहत और भरोसा दोनों दिया। सेंसेक्स और निफ्टी में आई मजबूती का सीधा असर देश की दिग्गज कंपनियों के बाजार पूंजीकरण पर पड़ा। 8 से 12 सितंबर के कारोबारी सप्ताह के दौरान शीर्ष 10 कंपनियों में से आठ कंपनियों के मार्केट कैप में कुल 1.69 लाख करोड़ रुपए का इजाफा हुआ। यह वृद्धि बाजार में बने सकारात्मक माहौल और मजबूत घरेलू संकेतों के कारण रही।

पिछले सप्ताह निफ्टी 373 अंक यानी 1.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,114 अंक पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 1,193.94 अंक यानी 1.48 प्रतिशत की मजबूती के साथ 81,904.70 पर बंद हुआ। बाजार में यह तेजी विदेशी निवेशकों की सीमित बिकवाली, घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी और वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के चलते आई।

किन कंपनियों को सबसे ज्यादा फायदा हुआ?

इस अवधि में सबसे अधिक लाभ बजाज फाइनेंस को हुआ। कंपनी का बाजार पूंजीकरण 40,788.38 करोड़ रुपए बढ़कर 6.24 लाख करोड़ रुपए हो गया। उसके बाद इन्फोसिस रही, जिसका मार्केट कैप 33,736.83 करोड़ रुपए की बढ़त के साथ 6.33 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया। आईटी सेक्टर में सुधार और डील फ्लो की उम्मीदों ने इन्फोसिस को मजबूती दी।

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का बाजार पूंजीकरण 30,970.83 करोड़ रुपए बढ़कर 11.33 लाख करोड़ रुपए हो गया। यह कंपनी लगातार देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बनी हुई है।

बैंकिंग सेक्टर की दो प्रमुख कंपनियों को भी मजबूत बढ़त मिली। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का मार्केट कैप 15,092.06 करोड़ रुपए बढ़कर 7.59 लाख करोड़ रुपए हो गया, वहीं आईसीआईसीआई बैंक का मूल्यांकन 10,644.91 करोड़ रुपए की बढ़त के साथ 10.12 लाख करोड़ रुपए पर पहुंचा।

एचडीएफसी बैंक, जो देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है, का मार्केट कैप मामूली 6,141.63 करोड़ रुपए बढ़कर 14.84 लाख करोड़ रुपए पर पहुंचा। वहीं, भारती एयरटेल को 4,390.62 करोड़ रुपए का लाभ हुआ और इसका कुल मार्केट कैप 10.85 लाख करोड़ रुपए पर दर्ज हुआ।

किसे नुकसान उठाना पड़ा?

इस सकारात्मक माहौल में सभी कंपनियां फायदा नहीं उठा सकीं। हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) का बाजार पूंजीकरण 12,429.34 करोड़ रुपए घटकर 6.06 लाख करोड़ रुपए रह गया। एफएमसीजी क्षेत्र में मांग की सुस्ती और लागत दबाव इसके पीछे अहम कारण रहे। वहीं, देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी का मार्केट कैप 1,454.75 करोड़ रुपए घटकर 5.53 लाख करोड़ रुपए पर आ गया।

सबसे मूल्यवान कंपनियों की रैंकिंग

सप्ताह के अंत तक एचडीएफसी बैंक सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही। इसके बाद टीसीएस, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एलआईसी का स्थान रहा। यह रैंकिंग दर्शाती है कि बैंकिंग और आईटी सेक्टर की कंपनियां बाजार की मजबूती का सबसे बड़ा आधार बनी हुई हैं।

आगे क्या?

विश्लेषकों का मानना है कि अगला सप्ताह भारतीय शेयर बाजार के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। अमेरिका में ब्याज दरों पर होने वाले फैसले, भारत-अमेरिका ट्रेड डील की दिशा और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के आंकड़े बाजार की चाल तय करेंगे। यदि वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में कटौती का संकेत मिलता है और विदेशी निवेशक फिर से भारतीय इक्विटी में आक्रामक रुख अपनाते हैं, तो बाजार नई ऊंचाइयों को छू सकता है।

हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों और रुपये की चाल पर भी निवेशकों को नजर रखनी होगी। वैश्विक बाजारों में किसी भी तरह की अनिश्चितता भारतीय बाजार की तेजी पर असर डाल सकती है।

निष्कर्ष यह है कि बीते हफ्ते की तेजी ने निवेशकों में भरोसा बढ़ाया है, लेकिन आने वाले सप्ताह में वैश्विक और घरेलू कारक बाजार की दिशा तय करेंगे।



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