* कंपनी ने रीग्रिप लीड रीसाइक्लिंग प्राइवेट लिमिटेड में 50 फ़ीसदी हिस्सेदारी का रणनीतिक अधिग्रहण किया
* कंपनी जमीन खरीद कर कारोबारी विस्तार कर रही है
* कंपनी की रूफटॉप सोलर प्लांट से कम हुई ऊर्जा लागत
* कंपनी को ईपीआर सर्टिफिकेट अनिवार्यता से मिलेगा बड़ा फायदा
बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। अहमदाबाद आधारित ‘लीड रिक्लेम एंड रबर प्रोडक्ट्स लि.’ पुराने टायर व अन्य रबड़ उत्पादों को रिसाईक्लिंग करके रिक्लेम्ड रबड़, क्रम्ब रबड़ पाउडर और रबड़ ग्रेनूअल्स निर्माण करती है। कंपनी सर्कुलर इकोनामी सेगमेंट में काम करके प्रकृति सुरक्षा के साथ कारोबारी लाभ अर्जित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 10 साल में बड़ी कंपनियों में 20 फ़ीसदी सर्कुलर इकोनामी सेगमेंट में काम करने वाली कंपनियां होंगी। भारत का 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य है जबकि वैश्विक स्तर पर यह लक्ष्य 2050 का है। इसलिए इस सेगमेंट में काम करने वाली कंपनियों में निवेशक समुदाय को विशेष आकर्षण है। ऐसी ही एक कंपनी ‘लीड रिक्लेम एंड रबर प्रोडक्ट्स लि.’ है।
कंपनी का बिजनेस मॉडल
सबसे पहले कंपनी पुराने ट्यूब एवं टायर को एकत्रित करती है। फिर कंपनी इनसे इन्नोवेटिव प्रोसेसिंग मशीनों से पुराने टायर व अन्य रबड़ उत्पादों को रिसाईक्लिंग करके रिक्लेम्ड रबड़, क्रम्ब रबड़ पाउडर और रबड़ ग्रेनूअल्स निर्माण करती है। फिर प्राप्त उत्पादों को कंपनी द्वारा टायर निर्माताओं, रबड़ उत्पाद निर्माताओं, ऑटोमोबाइल कंपनी व अन्य इंडस्ट्री में आपूर्ति किया जाता है। कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो ग्रेड, मोटाई, चौड़ाई और विभिन्न ग्रेड के पूरे टायर रीक्लेम रबर, ब्यूटाइल रिक्लेम रबर,पॉलिकोट और प्राकृतिक रीक्लेम्ड रबर शामिल है। कंपनी के उत्पाद फुटवियर, एंटी वाईब्रेशन,केबल ईनर, साउंड डेंपनर, फर्नीचर एवं मोल्ड आईटम्स, पैकिंग एंड पैकेजिंग, वॉटर पू्रफिंग शीट्स, ऑटो टॉयर बनाने में काम आते हैं।
कंपनी का इंफ्रास्ट्रक्चर
कंपनी के पास 5.5 बीघा जमीन का स्वामित्व है। कंपनी की निर्माण इकाई सरली रोड गांव – पिथाई, तालुका- कथलाल, खेड़ा में स्थित है। यह इकाई 5520 मीट्रिक टन की कुल स्थापित क्षमता के साथ लगभग 7790 वर्ग मीटर के कुल भूमि क्षेत्र में फैली हुई है। कंपनी अपनी कुल निर्माण क्षमता का 95 फीसदी इस्तेमाल कर रही है। कंपनी को अपनी कुल आय का करीब 70 फीसदी निर्यात से हासिल हो रहा है। कंपनी स्वयं की भूमि पर निर्माण कार्य कर रही है। कंपनी में पास भविष्य में निर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए प्रर्याप्त जगह है। कंपनी के सबसे अधिक संतुष्ट ग्राहक हैं। कंपनी के व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर में अत्याधुनिक विनिर्माण सुविधाएं, कड़े गुणवत्ता नियंत्रण के लिए उच्च-तकनीकी प्रयोगशालाएं और कच्चे माल व तैयार माल के कुशल भंडारण के लिए विशाल गोदाम शामिल हैं। प्रत्येक स्थान कंपनी के संचालन को अनुकूलित करने और सर्विस देने की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
सरकारी नीतियां
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने वेस्ट टायर के लिए ईपीआर नियम लागू किया है। वित्त वर्ष 2024-25 से टायर निर्माता व आयातकों को पिछले वर्ष का शत-प्रतिशत वेस्ट टायर काम में लेना होगा। इससे कंपनी को बड़ी मात्रा में कारोबार हसिल होगा।
प्रगति पथ पर अग्रसर
कंपनी निरंतर रूप से प्रगति पथ पर अग्रसर है। कंपनी ने रीग्रिप लीड रीसाइक्लिंग प्राइवेट लिमिटेड में 50 फ़ीसदी हिस्सेदारी अधिग्रहित की है। इसकी पीडीएफ कैपिटल 1 लाख रुपए है। कंपनी ने 5000 शेयर अधिग्रहित किए है। कंपनी ने प्लॉट संख्या बी/17, कुल क्षेत्रफल 1355.34 वर्ग मीटर, पंजीकरण संख्या 2311, सोमेश्वरी औद्योगिक पार्क, मंडली, और प्लॉट संख्या बी/16, जिसका कुल क्षेत्रफल 1334.43 वर्ग मीटर है, पंजीकरण संख्या 2311, सोमेश्वरी औद्योगिक पार्क, मंडली, दोनों श्री अंबालाल रामलाला पटेल के नाम पर, व्यवसायिक उद्देश्य के लिए, क्रमश: 20,00,000/- और 25,00,000/- रुपये के मूल्य पर भूमि की खरीद की है। कंपनी 1.20 करोड़ रुपए के निवेश से 250 किलोवॉट क्षमता का रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट स्थापित किया है। इससे कंपनी की कुल आवश्यक बिजली की 42 फीसदी बिजली की पूर्ति हो रही है। इससे कंपनी की लागत में कमी आई है। वहीं नए प्लांट से कंपनी प्रतिवर्ष 341 मेट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन को कम करने में सक्षम हो गई है। गत वर्ष कंपनी ने रिक्लेम रबड ब्यूटल शीट निर्माण क्षमता विस्तार के लिए नई मशीनरी स्थापित की है। कंपनी ने पुराने/प्रयुक्तरबर टायर स्क्रैप, नॉनरेडियल /रीडायल टायर स्क्रैप (मल्टीपल कट्स/प्रेस बेलेड/श्रेडेड) के आयात की दृष्टि से पर्यावरण एवं वन, जलवायु परिवर्तन मंत्रालय,नई दिल्ली के संयुक्त निदेशक के पास 5000 मीट्रिक टन रबर टायर स्क्रैप के आयात के लिए, गैर-रीडायल/ रीडायल टायर स्क्रैप (एकाधिक कट/प्रेस बेलेड/कटा हुआ) के लिए आवेदन किया था। कंपनी ने निर्माण इकाई सरली रोड गांव – पिथाई, तालुका- कथलाल, खेड़ा में वार्षिक उत्पादन क्षमता 5520 मेट्रिक टन से बढ़ाकर 11520 मेट्रिक टन करने के लिए गुजरात पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से कंसेंट टू एस्टेब्लिश मिला है।
इंडस्ट्री डायनेमिक्स
ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की वर्ष दर वर्ष बढ़ती ग्रोथ और बढ़ती बिक्री के देश की टॉयर एवं टॉयर रिसाइकल इंडस्ट्री 10 गुना बढऩे की संभावना है। ऑल इंडिया रबड़ एंड टॉयर रिसाईक्लिंग एसोसिएशन के निदेशक विशेष अग्रवाल के अनुसार घरेलू ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का आकार लगातार बढऩे और समान अवधि में टॉयर रिसाईक्लिंग इंडस्ट्री में वेल्यू एडिशन के चलते अगले 5 से 10 वर्षों में टॉयर इंडस्ट्री के वर्तमान 35 बिलियन रुपए से बढक़र 350 बिलियन रुपए होने की संभावना है। एनजीटी को दायर एक मुकदमे में बताया गया है कि देश में हर वर्ष वर्तमान में 275000 टॉयर ही रिसाईकल के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं। उक्ततथ्यों से स्पष्ट है कि रिसाईकल टॉयर इंडस्ट्री सेक्टर में अच्छी कारोबारी संभावनाएं मौजूद है जिसका ‘लीड रिक्लेम एंड रबर प्रोडक्ट्स लि.’ को फायदा मिलेगा।
वित्तीय प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने 14.88 करोड़ रुपए का राजस्व और 37 लाख रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया था। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने गत वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 110.08 फीसदी अधिक 31.26 करोड़ रुपए का कुल राजस्व और 294.59 फीसदी अधिक 1.46 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। इससे प्रतीत हो रहा है कि कंपनी साल दर साल अच्छा वित्तीय प्रदर्शन कर रही है।
प्रवर्तक का विजन और मिशन
कंपनी प्रवर्तक 42 वर्षीय जयेश कुमार पटेल कंपनी के प्रबंध निदेशक हैं। उन्होंने वर्ष 2010 में यूनाईटेड किंगडम लंदन स्कूल ऑफ बिजनेस एंड कम्यूटिंग से डिप्लोमा ईन बिजनेस मैनेजमेंट विषय में प्रोफेशनल ग्रेजूएशन की डिग्री हासिल की है। उन्हें टॉयर इंडस्ट्री में कार्य करने का 14 वर्षों का अनुभव है। उनका मिशन अपने ग्राहकों को रीसाइक्लिंग योग्य, आर्थिक रूप से व्यवहार्य और उच्च-गुणवत्ता वाला रीक्लेम रबर उपलब्ध कराना है। उनके अनुसार कंपनी अपनी उत्पादन सुविधाओं का निरंतर आधुनिकीकरण कर रही है और पर्यावरणीय जोखिमों को कम करने के लिए स्थायी पहलों में निवेश कर रही है। कंपनी का लक्ष्य पारिस्थितिक जागरूकता पर आधारित, तीव्र वृद्धि की ओर है। उनका विजऩ स्क्रैप रबर से रीसाइक्लिंग योग्य, किफ़ायती और उच्च-गुणवत्ता वाले पुन: प्राप्त रबर के उत्पादन में उद्योग की अग्रणी कंपनी बनने का है। उनका मानना है कि कंपनी पर्यावरणीय क्षति को कम करने, अपनी विनिर्माण क्षमताओं को निरंतर बढ़ाने और हरित परियोजनाओं में निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी प्रबंधन की आकांक्षा महत्वपूर्ण विकास को बढ़ावा देना है, जिससे कंपनी संचालन का केंद्रबिंदु स्थिरता हो।
आईपीओ के मायने
कंपनी द्वारा फरवरी,2023 में 10 रुपये फेसवेल्यू के 1950000 शेयर 25 रुपये प्रति शेयर के भाव से जारी कर 4.88 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। वर्तमान में कंपनी के शेयर का भाव 80 रुपए प्रति शेयर चल रहा है। कंपनी ने 114.90 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ है। इस आधार पर कह सकते हैं कि कंपनी ने आईपीओ के बाद से निवेशकों को काफी अच्छा रिटर्न दिया है। सूचीबद्ध होने से कंपनी को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है और कंपनी में रिटेल निवेशकों का दायरा भी बढ़ा है।
नोट: यह लेख निवेश सलाह नहीं है।

