बिजनेस रेमेडीज़/जयपुर। प्रदेश में औद्योगिक माहौल बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को साकार करने की जरूरत है, क्योंकि जब भी कोई उद्यमी कोई नया उद्यम शुरू करता है, तो उसे कम से कम 20 से अधिक विभागों के चक्कर लगाने पड़ते हैं और आखिरकार वो निवेश नहीं हो पाता।
यह बात लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के अंतर्गत 11 दिसंबर को आयोजित होने जा रहे एमएसएमई कॉन्क्लेव की तैयारियों के सिलसिले में लघु उद्योग भारती की कोर टीम की समीक्षा बैठक को सम्बोधित करते हुए कही।
सेवा सदन, सहकार मार्ग स्थित संगठन के प्रदेश कार्यालय में रखी गई इस बैठक में ओझा ने कहा कि 20 लाख करोड़ से अधिक के एमओयू अभी तक हो गए हैं और ये आंकड़ा और भी ऊपर जा सकता है, लेकिन अगर इसके आधे भी धरातल पर आकार लेते हैं तो प्रदेश की इकोनॉमी एक ट्रिलियन तक पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए विकसित राजस्थान के लिए काम करना जरूरी है।
एमएसएमई कॉन्क्लेव में 10 हजार उद्यमियों ने किया रजिस्ट्रेशन: महेंद्र मिश्रा
एमएसएमई कॉन्क्लेव के संयोजक महेंद्र मिश्रा ने जानकारी दी कि कॉन्क्लेव को लेकर उद्यमियों में बहुत उत्साह है और अभी तक 10 हजार से अधिक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं, जो कि आयोजन स्थल की क्षमता से बहुत ज्यादा है।
इस अवसर पर राष्ट्रीय सचिव नरेश पारीक, प्रदेश कोषाध्यक्ष अरुण जाजोदिया, प्रदेश उपाध्यक्ष महेंद्र खुराना और नटवरलाल अजमेरा, जयपुर अंचल अध्यक्ष सुधीर गर्ग, महामंत्री सुनीता शर्मा, विष्णु शर्मा, नवरतन नरानिया, उदय भुवालका और पंकज गोयल भी मौजूद थे।

