बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। हुक्मगच्छाधिपति, नानेश पट्टधर,जैन जगत की दिव्य विभूति,संयम सुमेरु जैनाचार्य प्रवर विजयराज जी महाराज जयपुर महानगर में वर्षा कालीन वर्षावास हेतु नगर में 4 जुलाई को भव्य मंगल प्रवेश करेंगे।
श्री साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ जयपुर के संरक्षक समाज सेवी प्रदीप गुगालिया ने बताया कि जिनशासन गौरव जैनाचार्य प्रवर का जयपुर शहर में आचार्य बनने के बाद पहला चातुर्मास होगा। चातुर्मास को लेकर जयपुर के जैन जैनेतर समाज में भारी उत्साह बना हुआ है। संघ के वरिष्ठ श्रावक हुक्मीचंद सिंगी के नेतृत्व में संघ कार्यकर्ता चातुर्मास की तैयारियों में पूरे समर्पण भावों से जुटे हुए हैं।
इन मार्गों से गुजरेगी विजय गुरुदेव की विजय यात्रा
संघ महामंत्री नवीन लोढ़ा ने बताया कि आचार्य विजयराज अपनी शिष्य मंडली के सात 4 जुलाई सुबह नवकारसी के बाद 7.30 बजे खींवसरा परिवार के निवास स्थान 489, आचार्य कृपलानी मार्ग से श्री विजय गुरुदेव की चातुर्मासिक प्रवेश विहार यात्रा आचार्य कृपलानी मार्ग,गोविंद मार्ग,विद्यालय मार्ग,सूर्य मार्ग होते हुए तिलक नगर अष्टा स्पोर्ट्स एकेडमी के सामने नवकार भवन में पहुंचेगी। इस विहार यात्रा में जयपुर सहित देश के विभिन्न भागों से सैकड़ों श्रावक-श्राविकाएं शामिल होंगे।
मौन साधना के बाद दिव्य मांगलिक समारोह आज
संघ अध्यक्ष महेश दस्सानी ने बताया कि जैनाचार्य सम्राट विजय गुरुदेव हर चातुर्मास के पहले 11 दिवसीय मौन साधना करते है। उनकी मौन साधना इस बार भी गतिमान है। यह मौन साधना 3 जुलाई को पूर्ण होंगी। गुरुदेव 11 दिन की अखंड मौन साधना के बाद अपने मुखारविंद से 3 जुलाई को सुबह करीब 8.30 से 11 बजे के बीच मंगल देशना के साथ दिव्य मांगलिक श्रद्धालुओं को प्रदान करेंगे। दिव्य मंगल पाठ स्थल राजापार्क, गोविंद मार्ग स्थित आदर्श विद्या मंदिर का पीछे वाला भाग,श्री राम मंदिर के पास होगा।
साधु-संतों एवं साध्वियों की टोली आएगी जैनाचार्य के साथ
वरिष्ठ श्राविका सिंपल चोरडिय़ा ने बतायाजयपुर के इस पुण्योदयम चातुर्मास में शांत क्रांति संघनायक, नानेश पट्टधर जैनाचार्य प्रवर विजयराज जी महाराज के साथ संत विनोद मुनि,अनुपम मुनि, दिव्यम मुनि,नीरज प्रिय मुनि,नमन प्रिय मुनि,सूर्यप्रभ मुनि,जय सुमतिप्रभ मुनि,जय मंथन प्रभ मुनि,जय विरलप्रभ मुनि एवम महासती प्रभावती, महासती पदमश्री, महासती अभिलाषाश्री,महासती नेहाश्री, महासती समताश्री,महासती युगप्रभा, महासती निशांतश्री, महासती जिज्ञासाश्री, महासती प्रवृत्तिश्री, महासती लावण्यश्री, महासती संयम प्रभा, महासती चिंतन प्रज्ञा, महासती दीप्तीश्री, महासती आनंदप्रिया, महासती अनमोल प्रिया, महासती महकप्रभा, महासती मोहक प्रभा,महासती स्नेह प्रभा, महासती निरंतर प्रभा एवं महासती दीपप्रभा भी जयपुर आएंगी।
चातुर्मास की तैयारियां जोरों पर
संघ के वरिष्ठ श्रावक अमित चोरडिय़ा ने बताया कि इस पुण्योदयम चातुर्मास की तैयारियां जोरों से चल रही है। पूर्व कोषाध्यक्ष शांति बम्ब ने बताया कि संघ अध्यक्ष के नेतृत्व में प्रतिदिन संघ कार्यालय तिलक नगर स्थित नवकार भवन में बैठक आयोजित कर कार्यक्रम को मूर्त रूप दिया जा रहा है। चातुर्मास को कामयाब बनाने के लिए विभिन्न समितियों का गठन कर उन्हें जिम्मेदारी दी गई है।
चार माह बहेगी धर्म ध्यान की बहार
महिला संघ अध्यक्ष मीना कांकरिया ने बताया कि श्री विजय गुरुदेव के चार माह के चातुर्मास के दौरान पूरे चार माह धर्म ध्यान, तप-जप, साधना आराधना की जबरदस्त बयार बहेगी। चार माह नित्य प्रति गुरु भगवन के मुखारविंद से जिन वाणी गूंजेगी। चातुर्मास के दौरान प्रतिदिन विविध
कार्यक्रम होंगे।

