नई दिल्ली, 5 अप्रैल (IANS) डिजिटल मॉनिटरिंग ग्रुप NetBlocks के अनुसार, तेहरान पर अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त सैन्य अभियान के बाद ईरान में लगाया गया इंटरनेट ब्लैकआउट अब अपने पाँचवें हफ़्ते में प्रवेश कर चुका है, जिससे यह अब तक का सबसे लंबा देशव्यापी इंटरनेट शटडाउन बन गया है।
सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर एक पोस्ट में
इसमें कहा गया है, “ईरान का इंटरनेट ब्लैकआउट अब किसी भी देश में दर्ज किया गया अब तक का सबसे लंबा देशव्यापी इंटरनेट शटडाउन है। यह गंभीरता के मामले में अन्य सभी तुलनीय घटनाओं से कहीं आगे निकल गया है, और 864 घंटों के बाद अब लगातार 37वें दिन में प्रवेश कर चुका है।”
28 फरवरी को शुरू हुआ यह ब्लैकआउट, आम जनता को वैश्विक इंटरनेट से पूरी तरह से अलग कर चुका है, जबकि अधिकारी एक स्तरीय ‘व्हाइटलिस्टिंग’ प्रणाली के माध्यम से चुनिंदा पहुँच के साथ प्रयोग कर रहे हैं।
NetBlocks ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जहाँ म्यांमार, सूडान, कश्मीर और तिग्रे जैसे अन्य देशों को रुक-रुककर या किसी विशेष क्षेत्र तक सीमित शटडाउन का सामना करना पड़ा है, वहीं किसी भी देश ने पहले से ही मानक इंटरनेट पहुँच होने के बावजूद, इतनी लंबी अवधि के लिए पूर्ण राष्ट्रीय इंटरनेट-विच्छेद का अनुभव नहीं किया है।
इसके विपरीत, उत्तर कोरिया जैसे देश, जो कभी भी वैश्विक इंटरनेट से जुड़े ही नहीं थे, वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग बने हुए हैं, लेकिन वे शुरू से ही कभी ऑनलाइन थे ही नहीं।
यह ब्लैकआउट, अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरानी ठिकानों पर लगातार किए जा रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों के साथ-साथ चल रहा है।
इसके जवाब में, तेहरान ने पड़ोसी खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी और इज़राइली ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं।
इस संघर्ष के बीच, ईरानी अधिकारियों ने सैटेलाइट कनेक्शन और VPN सहित इंटरनेट पहुँच के वैकल्पिक तरीकों पर भी प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे नागरिकों के पास आपस में संपर्क करने के लिए बहुत कम या कोई भी विश्वसनीय माध्यम नहीं बचा है।
NetBlocks ने इस शटडाउन से होने वाले मानवीय नुकसान पर ज़ोर देते हुए कहा कि इस संकटपूर्ण समय में परिवार अपने प्रियजनों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। इन चुनौतियों के बावजूद, तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं, और ईरानी सरकार ने अभी तक यह भी नहीं बताया है कि पूर्ण इंटरनेट पहुँच कब तक बहाल की जाएगी।

