मुंबई,
भारत के रिटेल सेक्टर ने 2025 में कुल लीजिंग गतिविधियों में 54 प्रतिशत की साल-दर-साल वृद्धि दर्ज की, जिससे यह पिछले तीन साल का उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। JLL की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के शीर्ष सात शहरों में brick-and-mortar रिटेल ने कुल 12.5 मिलियन वर्ग फीट लीजिंग की।
रिपोर्ट में कहा गया कि यह वृद्धि प्रमुख महानगरीय बाजारों में रिटेलरों के मजबूत विश्वास और आक्रामक विस्तार रणनीतियों को दर्शाती है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारत में उपभोक्ताओं की बढ़ती खरीद क्षमता और ऑफलाइन रिटेल प्रारूपों में प्रीमियम ब्रांड्स की लोकप्रियता इस लीजिंग वृद्धि का मुख्य कारण रही। भारत का रिटेल सेक्टर अपनी मजबूत विकास गति बनाए हुए है। इस विकास में 6.3 मिलियन वर्ग फीट की नई सप्लाई महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और रिटेलरों के विस्तार को आसान बना रही है। दिल्ली NCR, हैदराबाद और मुंबई में 2025 में कुल 15 नए शॉपिंग मॉल्स खोले गए, जो देश की कुल मॉल इन्वेंट्री में योगदान करते हैं। वर्ष 2025 के अंत तक शीर्ष सात शहरों में मॉल स्टॉक लगभग 92 मिलियन वर्ग फीट था।
शॉपिंग मॉल्स ने 2025 में कुल लीजिंग गतिविधि का 45 प्रतिशत हिस्सा लिया, जबकि हाई स्ट्रीट्स ने 48 प्रतिशत हिस्सेदारी संभाली। फैशन और अपैरल (34 प्रतिशत) तथा फूड और बेवरेज (20 प्रतिशत) मिलकर वार्षिक लीजिंग का आधा से अधिक हिस्सा बनाते हैं। फैशन और अपैरल का हिस्सा 2023 में 41 प्रतिशत था, जो 2025 में घटकर 34 प्रतिशत हो गया है, लेकिन यह अब भी शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि D2C ब्रांड्स ने 0.9 मिलियन वर्ग फीट की लीजिंग के साथ physical स्टोर विस्तार में तेजी दिखाई। घरेलू रिटेलरों ने 2025 की कुल लीजिंग गतिविधियों का 82 प्रतिशत हिस्सा लिया। पिछले पांच वर्षों में भारतीय रिटेल सेक्टर में 2.3 बिलियन डॉलर का संस्थागत निवेश हुआ है।

