भारत के ऑफिस स्पेस मार्केट में लीजिंग कैलेंडर वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर 35% बढ़कर 16.3 मिलियन स्क्वायर फीट हो गई है। यह जानकारी मंगलवार को जारी Cushman & Wakefield की रिपोर्ट में दी गई।
Market Highlights
-
वर्ष के पहले 9 महीनों में 44.3 मिलियन स्क्वायर फीट ऑफिस स्पेस की नेट लीजिंग दर्ज की गई, जो 2024 की कुल लीजिंग का 87% है।
-
दिल्ली-NCR और बेंगलुरु सबसे बड़े लीजिंग हब बने हुए हैं, क्रमशः 3.8 मिलियन और 3.5 मिलियन स्क्वायर फीट लीजिंग दर्ज।
-
Global Capability Centers (GCC) ने कुल लीजिंग में 32%, IT-BPM सेक्टर ने 31%, Engineering & Manufacturing ने 18%, BFSI ने 14% और Flexible Work Space Operators ने 11% का योगदान दिया।
Expert Insight
Cushman & Wakefield के CEO (भारत, दक्षिण पूर्व एशिया और एशिया-प्रशांत) अंशुल जैन ने कहा,
“बाजार अब विस्तार के चक्र में मजबूती से प्रवेश कर रहा है और तीसरी तिमाही में 80% से अधिक लीजिंग नए अधिग्रहणों के कारण हुई हैं। लगभग 80% संपत्तियां ग्रेड-ए+ हैं, जो प्रीमियम वर्कस्पेस की ओर निर्णायक बदलाव को दर्शाती हैं।”
Leasing Trends
-
फ्रेश लीजिंग में तिमाही आधार पर 21% की वृद्धि हुई।
-
सालाना आधार पर मामूली वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे संकेत मिलता है कि भारतीय ऑफिस स्पेस मार्केट एक नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रहा है।

