New Delhi,
चीन के इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग की तेज बढ़त अब सुस्त पड़ती दिखाई दे रही है। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, कमजोर उपभोक्ता मांग और बढ़ती उत्पादन लागत के कारण कई चीनी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं के दीर्घकालिक मुनाफे पर दबाव बढ़ रहा है। निवेशक अब इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि पिछले कुछ वर्षों में दिखी तेज वृद्धि क्या आगे भी बरकरार रह पाएगी, क्योंकि बाजार अब भीड़भाड़ वाला और संचालन की दृष्टि से महंगा होता जा रहा है। वर्ष 2025 के अंत के बिक्री आंकड़ों ने स्थिति को और स्पष्ट किया। दुनिया के सबसे बड़े इलेक्ट्रिक वाहन बाजार चीन में कुल बिक्री लंबे समय से जारी सुस्ती से बाहर नहीं निकल सकी। इससे उद्योग की विकास दर पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।
सबसे अधिक प्रभावित कंपनियों में ली ऑटो का नाम सामने आया है। कंपनी ने नवंबर 2025 में लगभग 33 हजार वाहनों की डिलीवरी की, जो पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में करीब 32 प्रतिशत कम है। इस गिरावट ने यह चिंता बढ़ा दी है कि स्थापित घरेलू ब्रांडों के लिए भी मांग तेजी से ठंडी पड़ रही है। एक अन्य अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में चीन के इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के सामने खड़ी संरचनात्मक चुनौतियों की ओर इशारा किया गया है। तीव्र प्रतिस्पर्धा के कारण लाभ मार्जिन पर दबाव बढ़ रहा है, जबकि वह सरकारी सहायता, जिसने वर्षों तक उद्योग को गति दी, अब धीरे-धीरे कम हो रही है। साथ ही, उत्पादन चक्र तेज होने से नए मॉडल बहुत जल्दी बाजार में आ रहे हैं, जिससे कोई भी कंपनी लंबे समय तक मजबूत बढ़त बनाए नहीं रख पा रही है।
चीन की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता बीवाईडी भी इन चुनौतियों से अछूती नहीं है। कंपनी ने सरकारी अनुदानों के सहारे असाधारण गति से विस्तार किया, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार अब अपनी सीमाओं के करीब पहुंच रहा है। व्हार्टन स्कूल के प्रोफेसर जॉन पॉल मैकडफी के अनुसार, चीनी वाहन निर्माता अब उस स्थिति में पहुंच रहे हैं जहां अधिकांश ऐसे खरीदार, जिनके लिए इलेक्ट्रिक वाहन व्यावहारिक विकल्प था, पहले ही खरीदारी कर चुके हैं। वर्तमान में बिक्री का बड़ा हिस्सा बड़े शहरों तक सीमित है, जहां चार्जिंग स्टेशन व्यापक रूप से उपलब्ध हैं। छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में चार्जिंग ढांचे की कमी के कारण इलेक्ट्रिक वाहन रखना अब भी असुविधाजनक है, जिससे संभावित ग्राहकों की संख्या सीमित हो जाती है।
इस स्थिति में बीवाईडी जैसी कंपनियों के सामने अब पहली बार वाहन खरीदने वालों को दोबारा ग्राहक में बदलने की चुनौती है। पारंपरिक वाहन निर्माताओं ने दशकों में मजबूत ब्रांड निष्ठा के जरिए यह आधार तैयार किया है, जबकि नए इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं को यह भरोसा अभी बनाना है। ताजा आंकड़े इस सुस्ती की पुष्टि करते हैं। पिछले वर्ष अच्छी वृद्धि दर्ज करने के बाद बीवाईडी की जनवरी माह की डिलीवरी में तेज गिरावट आई और यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग एक-तिहाई कम रही। चीन के ऑटोमोबाइल निर्माताओं के संघ के अनुसार, पूरे उद्योग में नए इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में करीब 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। यह संकेत देता है कि चीन का इलेक्ट्रिक वाहन बाजार अब परिपक्वता के दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां टिके रहने के लिए कंपनियों को लागत नियंत्रण, नवाचार और दीर्घकालिक रणनीति पर अधिक ध्यान देना होगा।

