New Delhi,
भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और औषधि जैसे क्षेत्रों में 20.5 अरब डॉलर से अधिक निवेश की योजना बनाई है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस जानकारी को साझा करते हुए इसे दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक सहयोग का मजबूत संकेत बताया।
सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि एक ही दिन में 12 भारतीय कंपनियों ने लगभग 1.1 अरब डॉलर के नए निवेश की घोषणा की है। यह निवेश न केवल अमेरिकी रोजगार के अवसरों को बढ़ा रहा है बल्कि दोनों देशों के बीच आपूर्ति श्रृंखला को भी मजबूत कर रहा है। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि ये साझेदारियां वास्तविक अमेरिकी रोजगार पैदा कर रही हैं और आपूर्ति तंत्र को अधिक सशक्त बना रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र जब व्यापार करते हैं तो सभी को लाभ होता है।
हालांकि राजदूत ने उन 12 भारतीय कंपनियों के नाम का खुलासा नहीं किया जिन्होंने यह निवेश घोषित किया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, रक्षा और तकनीकी सहयोग तेजी से बढ़ रहा है। इससे पहले मार्च महीने में अमेरिका का व्यापार घाटा बढ़कर 60.3 अरब डॉलर हो गया। यह फरवरी के संशोधित 57.8 अरब डॉलर से 2.5 अरब डॉलर अधिक है। आयात में तेजी से बढ़ोतरी के कारण यह अंतर बढ़ा है।
मार्च में अमेरिका का कुल निर्यात 320.9 अरब डॉलर रहा, जो फरवरी से 6.2 अरब डॉलर अधिक है। वहीं आयात 8.7 अरब डॉलर बढ़कर 381.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया। देशवार आंकड़ों के अनुसार मार्च में भारत को अमेरिकी निर्यात लगभग 4.3 अरब डॉलर रहा, जबकि भारत से आयात करीब 8.4 अरब डॉलर दर्ज किया गया। इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संतुलन में बदलाव देखने को मिला है।

