Sunday, June 28, 2026 |
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भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश बढ़ा, जनवरी-मार्च तिमाही में 25 प्रतिशत की तेजी

by Business Remedies
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Real estate projects and construction work in major cities of India

New Delhi,

भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र में वर्ष 2026 की जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान संस्थागत निवेश में मजबूत बढ़त दर्ज की गई है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में कुल निवेश 1.6 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है। इस बढ़त का मुख्य कारण घरेलू पूंजी का तेजी से बढ़ना रहा। रिपोर्ट में बताया गया कि भारतीय निवेशकों ने इस तिमाही में लगभग 1.2 अरब डॉलर का निवेश किया, जो सालाना आधार पर 57 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। कुल निवेश में इनकी हिस्सेदारी करीब तीन-चौथाई रही, जो पिछले चार से पांच वर्षों के दौरान सामान्यतः 20 से 50 प्रतिशत के स्तर से काफी अधिक है। इससे यह स्पष्ट होता है कि अब घरेलू निवेशकों की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। वहीं, विदेशी निवेश घटकर लगभग 0.4 अरब डॉलर रह गया, जो सालाना आधार पर 23 प्रतिशत की कमी दर्शाता है। वैश्विक स्तर पर व्यापार, कच्चे तेल और अन्य वस्तुओं के बाजार में अनिश्चितता के चलते विदेशी निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।

कार्यालय संपत्तियों में सबसे अधिक निवेश देखने को मिला। इस खंड में करीब 0.8 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जो कुल निवेश का लगभग आधा है। यह पिछले वर्ष की पहली तिमाही की तुलना में लगभग दोगुना है। इस क्षेत्र में 90 प्रतिशत से अधिक निवेश घरेलू निवेशकों द्वारा किया गया, जो सालाना आधार पर तीन गुना से अधिक बढ़ा है। भौगोलिक दृष्टि से देखें तो दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु ने मिलकर कुल निवेश का 46 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया। दिल्ली-एनसीआर में लगभग 0.4 अरब डॉलर और बेंगलुरु में करीब 0.3 अरब डॉलर का निवेश हुआ। इन दोनों क्षेत्रों में मुख्य रूप से चालू कार्यालय परिसंपत्तियों में बड़े सौदे हुए। इसके अलावा, एक से अधिक शहरों में किए गए निवेश का हिस्सा भी उल्लेखनीय रहा, जो करीब 0.5 अरब डॉलर रहा और कुल निवेश का लगभग एक-तिहाई बना। आवासीय क्षेत्र में भी निवेश बढ़कर लगभग 0.3 अरब डॉलर पहुंचा, जो 7 प्रतिशत की सालाना वृद्धि को दर्शाता है। यह कुल निवेश का लगभग पांचवां हिस्सा रहा। वहीं, आतिथ्य, वैकल्पिक और खुदरा क्षेत्रों में मिलाकर कुल निवेश का 20 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आया। इन क्षेत्रों में कुल निवेश का करीब 70 प्रतिशत विदेशी निवेशकों द्वारा किया गया।

हालांकि, पिछली तिमाही की तुलना में निवेश में कुछ कमी देखी गई, लेकिन वर्ष 2020 के बाद की पहली तिमाहियों के औसत की तुलना में यह स्तर 64 प्रतिशत अधिक रहा, जो क्षेत्र की मजबूती को दर्शाता है। कोलियर्स इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक बादल याग्निक ने कहा कि भारत के रियल एस्टेट बाजार में संस्थागत निवेश लगातार मजबूत बना हुआ है, जिसे विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत घरेलू मांग का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि निकट भविष्य में वैश्विक निवेशक सतर्क रह सकते हैं, लेकिन भारत की जनसंख्या संरचना और खपत आधारित अर्थव्यवस्था इसे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में मजबूत स्थिति प्रदान करती रहेगी।



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