भारत ने वैश्विक स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र में अपनी मजबूत स्थिति बरकरार रखते हुए Hurun Global Unicorn Index 2026 में 61 यूनिकॉर्न के साथ दुनिया में चौथा स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि बताती है कि भारत लगातार दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप केंद्रों में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु 25 यूनिकॉर्न के साथ देश की यूनिकॉर्न राजधानी बना हुआ है, जबकि मुंबई 13 यूनिकॉर्न के साथ दूसरे स्थान पर है। देश के सबसे अधिक मूल्य वाले यूनिकॉर्न ब्रोकरेज, त्वरित वाणिज्य और वित्तीय प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों से जुड़े हैं। वहीं, वर्ष के दौरान भारत के 6 यूनिकॉर्न ने सफलतापूर्वक Initial Public Offering (IPO) के माध्यम से शेयर बाजार में प्रवेश किया, जिससे देश में IPO का माहौल पहले की तुलना में अधिक मजबूत दिखाई दिया।
रिपोर्ट में भारतीय उद्यमियों के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को भी रेखांकित किया गया है। दुनियाभर में भारतीय मूल के उद्यमियों ने कुल 217 यूनिकॉर्न की सह-स्थापना की है। इनमें से 156 यूनिकॉर्न भारत के बाहर संचालित हो रहे हैं, जिनमें 142 संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित हैं, जबकि 61 यूनिकॉर्न भारत में कार्यरत हैं। इन सभी कंपनियों का संयुक्त मूल्य लगभग 600 अरब अमेरिकी डॉलर आंका गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय संस्थापक विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता और वित्तीय प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रहे हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता इस समय वैश्विक स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र में सबसे बड़ा संपत्ति सृजन क्षेत्र बनकर उभरा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े यूनिकॉर्न दुनिया के सभी यूनिकॉर्न के कुल मूल्य का 36प्रतिशत हिस्सा रखते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षेत्र में 215 यूनिकॉर्न हैं, जबकि वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 216 यूनिकॉर्न मौजूद हैं। इसके बावजूद कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षेत्र की कंपनियों का कुल मूल्यांकन वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों की तुलना में कहीं अधिक है।
Hurun के अध्यक्ष Rupert Hoogewerf ने कहा कि 2026 वह वर्ष साबित हुआ जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता केवल एक विषय न रहकर तकनीकी विकास का सबसे बड़ा इंजन बन गई। उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडल विकसित करने की वैश्विक प्रतिस्पर्धा आने वाले समय के नए प्रौद्योगिकी दिग्गजों को जन्म दे रही है।
वैश्विक स्तर पर वर्ष के दौरान रिकॉर्ड 308 स्टार्टअप यूनिकॉर्न बने, यानी औसतन प्रतिदिन लगभग एक नया यूनिकॉर्न अस्तित्व में आया। वहीं, 75 यूनिकॉर्न शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुए और 64 कंपनियां विलय एवं अधिग्रहण के माध्यम से बाहर निकलीं। दूसरी ओर, 88 कंपनियां अपने मूल्यांकन के 1अरब अमेरिकी डॉलर से नीचे आने के कारण यूनिकॉर्न का दर्जा खो बैठीं। इस बीच, संयुक्त राज्य अमेरिका 806 यूनिकॉर्न के साथ दुनिया का सबसे बड़ा यूनिकॉर्न पारिस्थितिकी तंत्र बना हुआ है।

