New Delhi,
भारत के ऑफिस रियल एस्टेट बाजार ने वर्ष 2026 की शुरुआत काफी मजबूत प्रदर्शन के साथ की है। January–March quarter के दौरान कुल लीजिंग गतिविधि बढ़कर 18.3 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंच गई। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार, इस बढ़त में प्रमुख भूमिका बड़े शहरों जैसे बेंगलुरु और हैदराबाद की रही। इन दोनों शहरों ने मिलकर कुल लीजिंग का लगभग आधा हिस्सा, यानी 8.7 मिलियन वर्ग फुट का योगदान दिया। मुंबई, पुणे, दिल्ली एनसीआर और चेन्नई जैसे अन्य बड़े बाजारों में भी लीजिंग की मांग मजबूत रही। इन शहरों में प्रत्येक ने 2 से 3 मिलियन वर्ग फुट के बीच लीजिंग दर्ज की। खास बात यह रही कि हैदराबाद और पुणे में मांग पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने से भी अधिक रही।
एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत की मजबूत स्थिति
रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में ऑफिस स्पेस के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बना हुआ है। इसका मुख्य कारण वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) का विस्तार और विभिन्न क्षेत्रों में कंपनियों की मजबूत मांग है। केवल जीसीसी ने ही इस quarter की कुल लीजिंग का लगभग आधा योगदान दिया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वैश्विक कंपनियों का भारत पर भरोसा बना हुआ है। सप्लाई के मामले में भी बाजार ने अच्छा प्रदर्शन किया। वर्ष की पहली तिमाही में 11.8 मिलियन वर्ग फुट नए ऑफिस स्पेस जोड़े गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है। इस मामले में बेंगलुरु सबसे आगे रहा, जिसने कुल नई सप्लाई में लगभग 47 प्रतिशत योगदान दिया। इसके बाद दिल्ली एनसीआर का स्थान रहा, जिसकी हिस्सेदारी 17 प्रतिशत रही। चेन्नई और मुंबई में भी लगभग 1.5 मिलियन वर्ग फुट नए स्पेस का इजाफा हुआ, जिससे इन शहरों में भी बाजार की सक्रियता बनी रही।
पारंपरिक ऑफिस लीजिंग का दबदबा बरकरार
कुल मांग में पारंपरिक ऑफिस लीजिंग का हिस्सा सबसे अधिक रहा, जो 14.4 मिलियन वर्ग फुट रहा। इस segment में मुख्य योगदान प्रौद्योगिकी और बैंकिंग तथा वित्तीय सेवाओं से जुड़ी कंपनियों का रहा, जिन्होंने मिलकर लगभग दो-तिहाई हिस्सेदारी बनाई। केवल प्रौद्योगिकी कंपनियों ने ही पारंपरिक लीजिंग में 36 प्रतिशत योगदान दिया, जिसमें बेंगलुरु और हैदराबाद प्रमुख केंद्र बनकर उभरे। इसके साथ ही, फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस का चलन भी तेजी से बढ़ रहा है। इस segment में लीजिंग गतिविधि वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 77 प्रतिशत बढ़कर लगभग 4 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंच गई। यह कुल लीजिंग का 21 प्रतिशत हिस्सा बनाती है। दिल्ली एनसीआर और हैदराबाद इस क्षेत्र में अग्रणी रहे। वहीं, कोलकाता और दिल्ली एनसीआर जैसे शहरों में फ्लेक्स ऑपरेटरों की हिस्सेदारी कुल लीजिंग का लगभग 40 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो इस क्षेत्र में तेजी से बढ़ती स्वीकृति को दर्शाता है।

