New Delhi,
भारत में नौकरी की शुरुआत करने वाले नए स्नातकों के लिए रोजगार के अवसर तेजी से बदल रहे हैं। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अब पारंपरिक नौकरियों के अलावा नई प्रकार की भूमिकाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिसमें AI specialist, generative AI engineer और digital content creator जैसी नौकरियां प्रमुख रूप से उभर रही हैं।
रोजगार बाजार में बदलाव से नए अवसर
LinkedIn द्वारा जारी आंकड़ों में बताया गया है कि तेजी से बढ़ती तकनीकी अपनाने की प्रक्रिया और बदलती व्यापारिक जरूरतों के कारण रोजगार का स्वरूप भी बदल रहा है। अब नौकरी के अवसर केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहे, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी तेजी से वृद्धि देखी जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, entry-level स्तर पर मानव संसाधन, परामर्श, सूचना प्रौद्योगिकी, विपणन, कार्यक्रम और परियोजना प्रबंधन तथा व्यापार विकास जैसे क्षेत्रों में भर्ती बढ़ रही है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि उपयोगिता सेवाएं, शिक्षा, सरकारी प्रशासन, परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स और ऊर्जा प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्र भी अब नए युवाओं के लिए रोजगार के बड़े केंद्र बनते जा रहे हैं। इससे स्पष्ट होता है कि पहले जिन क्षेत्रों को फ्रेशर्स के लिए प्रमुख नहीं माना जाता था, वे अब नौकरी सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
विशेषज्ञों की सलाह: नए रास्तों के लिए रहें तैयार
LinkedIn की करियर विशेषज्ञ निराजिता बनर्जी ने कहा कि तेजी से बदलते रोजगार बाजार में युवाओं को पारंपरिक सोच से बाहर निकलकर नए विकल्पों को अपनाने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह किसी नए उद्योग, नए शहर या किसी अलग भूमिका में हो सकता है, जिसे पहले कभी नहीं सोचा गया हो। उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में विभिन्न क्षेत्रों में काम करने का अनुभव और बहुमुखी कौशल विकसित करना बेहद जरूरी है, क्योंकि अब कौशल एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में आसानी से स्थानांतरित हो सकते हैं।
छोटी कंपनियों में भी बढ़ रही भर्ती
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि छोटी कंपनियां भी अब रोजगार का बड़ा माध्यम बन रही हैं। वर्ष 2023 से 2025 के बीच 1 से 10 कर्मचारियों वाली कंपनियों में भर्ती में तेज वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे नए युवाओं को करियर की शुरुआत के अधिक अवसर मिल रहे हैं। भौगोलिक दृष्टि से भी रोजगार के अवसर अब बड़े महानगरों तक सीमित नहीं हैं। विजयवाड़ा, भोपाल, जयपुर, इंदौर, ग्वालियर और वडोदरा जैसे शहर नए प्रतिभाओं के लिए तेजी से उभरते केंद्र बन रहे हैं। यह बदलाव दर्शाता है कि भारत का रोजगार परिदृश्य व्यापक और संतुलित हो रहा है, जहां छोटे शहर भी अब बड़े अवसर प्रदान कर रहे हैं।

