केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ रहे भारत के लिए फ्रांस के साथ साझेदारी लगातार सह-नवाचार और तकनीकी प्रगति के नए अवसर खोल रही है। उन्होंने कहा कि यह सहयोग केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्व स्तर पर उपयोगी समाधान विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
फ्रांस के नीस शहर में एक व्यस्त और उपयोगी दिन के समापन पर पीयूष गोयल ने एक विशेष रात्रिभोज का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में नीस के मेयर एरिक सियोटी सहित सरकार, उद्योग, नवाचार और निवेश जगत के कई प्रमुख प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह आयोजन भारत-फ्रांस संबंधों को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष की पृष्ठभूमि में आयोजित यह कार्यक्रम विचारों के आदान-प्रदान और व्यापार, प्रौद्योगिकी तथा उभरते क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर तलाशने का उत्कृष्ट माध्यम बना।
भारत की ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना और फ्रांस की ‘फ्रांस 2030’ रणनीति के बीच कई समानताएं हैं, जो भविष्य केंद्रित नवाचार साझेदारी को मजबूत आधार प्रदान करती हैं। दोनों देशों का मानना है कि विघटनकारी तकनीकों और उन्नत नवाचारों के क्षेत्र में निवेश के नए अवसर भविष्य की आर्थिक प्रगति को गति देंगे। भारत और फ्रांस ने संयुक्त रूप से ‘भारत-फ्रांस नवाचार रोडमैप 2030’ को अपनाया है। यह ढांचा महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों में सह-विकास को बढ़ावा देने, विश्वसनीय तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने, शिक्षा और अनुसंधान सहयोग बढ़ाने तथा लोगों और पर्यावरण के हित में ठोस परिणाम सुनिश्चित करने का मार्गदर्शन करेगा।
दोनों देशों ने नवाचार को आर्थिक मजबूती, सतत विकास, रणनीतिक स्वायत्तता तथा तकनीकी और औद्योगिक संप्रभुता का प्रमुख आधार माना है। उनका मानना है कि मजबूत नवाचार साझेदारी से दोनों देशों की क्षमताओं का पूर्ण उपयोग संभव होगा और वैश्विक चुनौतियों के समाधान विकसित करने में सहायता मिलेगी। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस यात्रा के पहले चरण के समापन के बाद स्लोवाकिया के लिए प्रस्थान किया। विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि नीस की यात्रा के दौरान नवाचार और भविष्य की प्रौद्योगिकी पर विशेष ध्यान देते हुए कई द्विपक्षीय उपलब्धियां हासिल हुईं।
रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ व्यापक वार्ता की। इस दौरान रक्षा, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, सुरक्षा, आतंकवाद निरोध, नवाचार और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने पर सहमति बनी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच दशकों पुरानी मित्रता को देखते हुए दोनों देशों ने अपने संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का निर्णय लिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह साझेदारी आने वाले वर्षों में दोनों देशों के लिए आर्थिक और तकनीकी विकास के नए द्वार खोलेगी।

