Sunday, June 14, 2026 |
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देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढऩे से इलेक्ट्रिक गाडिय़ों की मांग बढ़ी

ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी से Electric Vehicles की मांग तेज, मई में EV Registrations में उछाल Tata Motors, TVS Motor और Ather Energy को बढ़ती EV Adoption का मिला लाभ

by Business Remedies
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नई दिल्ली | एजेंसी | भारत में Electric Vehicles (EVs) के पंजीकरण में इस साल मई में बढ़ोतरी देखी गई है। इसकी वजह अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण ईंधन की कीमतों में इजाफा होने के चलते लोगों का Electric Vehicles की ओर शिफ्ट होना है। यह जानकारी Nomura और HSBC की ओर से जारी Reports में दी गई। Nomura के अनुसार, मई में Electric Vehicles की बिक्री Passenger Vehicles की कुल बिक्री का 6.4 प्रतिशत रही, जबकि वित्त वर्ष 2026 में यह 4 प्रतिशत थी। वहीं, Electric Two-Wheeler Vehicles की बिक्री 8.9 प्रतिशत रही, जो पिछले वर्ष के लगभग 6.5 प्रतिशत से अधिक है।

Brokerage Firm ने कहा, यह दिखाता है कि Electric Vehicles की मांग में तेजी से वृद्धि हो रही है। इसी तरह, HSBC की एक Report में कहा गया, “ईंधन की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के कारण ग्राहकों की Electric Vehicle खरीदने की ओर रुझान बढ़ा है।” Brokerage Firm ने मई में Electric Two-Wheeler Vehicles की हिस्सेदारी 9.3 प्रतिशत और Electric Passenger Vehicles की कुल हिस्सेदारी 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। कार निर्माताओं में, Electric Cars की बढ़ती मांग के कारण Tata Motors को सबसे अधिक लाभ हुआ है। कंपनी ने Electric Vehicles की बिक्री में सालाना आधार पर 85 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जबकि पिछले दो महीनों में Electric Vehicles की Booking में 2.5 गुना वृद्धि हुई है।

Nomura के अनुसार, Tata Motors को 15 लाख रुपए से कम कीमत वाले Segment में विशेष रूप से मजबूत मांग दिख रही है और कंपनी Electric Vehicles की Production Capacity को 10,000 Unit प्रति माह से बढ़ाकर 15,000 Unit करने की योजना बना रही है। दोपहिया वाहन Segment में यह बदलाव और भी अधिक स्पष्ट था। मई में लगभग 42,000 Electric Scooters के पंजीकरण के साथ TVS Motor बाजार में अग्रणी बनी रही, उसके बाद Bajaj Auto और Ather Energy का स्थान रहा। Nomura की Report के अनुसार, Ather Energy की बिक्री में साल-दर-साल दोगुनी से अधिक वृद्धि हुई, जिससे कंपनी को 16.5 प्रतिशत की Market Share हासिल करने में मदद मिली।

दोनों Brokerage Firms का मानना है कि Electric Vehicles की मांग में तेजी आ रही है। हालांकि बढ़ती Commodity Cost निर्माताओं के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। Nomura का मानना है कि अनुकूल नीतिगत उपायों और बढ़ती उपभोक्ता स्वीकृति के कारण भारतीय बाजार में Electric Vehicles एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं। तेल विपणन कंपनियों ने अप्रैल में दो सप्ताह की अवधि में Petrol और Diesel की कीमतों में लगभग 8 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि की। घरेलू ईंधन मूल्य निर्धारण करने वाली Indian Crude Basket मई में लगातार तीन महीनों तक 100 Dollar प्रति Barrel से ऊपर बनी रही, जिसका कारण Middle East Crisis का लंबा चलना था, जिसके कारण Hormuz Strait बंद होना था, जिससे होकर दुनिया के 20 प्रतिशत Oil और Gas Export का पारगमन होता है। America और Iran के बीच शांति वार्ता में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव और युद्धविराम के बार-बार उल्लंघन के कारण अनिश्चितता और बढ़ गई है और Oil की कीमतों में और वृद्धि की आशंका है। सरकार द्वारा उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए कीमतों में बढ़ोतरी पर लगाम लगाने के कारण भारतीय Oil Companies अभी भी Petroleum Products की बिक्री पर प्रतिदिन 550 करोड़ रुपए का नुकसान झेल रही हैं।



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